कृषि उप निदेशक डाॅ. विनोद फौगाट ने बताया कि धान बिजाई वाले गांवों मे किसान जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को गांव कलिंगा में कृषि विकास अधिकारी डाॅ. विष्णुदत्त व तरुण कुमार ने किसानों को पराली न जलाने बारे जागरूक किया।
उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाएं, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी व पर्यावरण स्वच्छ रहेगा। वहीं, इस मामले में हरसैक द्वारा सेटेलाइट से निगरानी की जा रही है। अगर किसान पराली में आग लगाता है तो उसकी सूचना तुंरत प्रशासन को मिल जाती है। गांव स्तरीय गठित कमेटी द्वारा किसान के खेत में पहुंचकर उसके खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।