किसानों को बिना उचित मुआवजा दिए उनके खेतों में टावर लगाए जाने के बाद अब बिना मुआवजा दिए उनके खेतों के बीच रिफाइनरी लाइन को डालने का काम शुरू किया है। रिफाइनरी लाइन का किसानों ने विरोध शुरू कर दिया है। इसके विरोध 29 को सैय में महापंचायत होगी।
किसान नेता रवि आजाद व राकेश आर्य ने रिफाइनरी लाइन के विरोध में धरने पर बैठे किसानों का समर्थन करते हुए कहा कि अहमदाबाद से पानीपत रिफाइनरी लाइन डाली जा रही है जो कि गांव सैय में किसानों के खेतों से गुजर रही है। इसके विरोध में किसान धरने पर बैठे हैं। पाइप लाइन खेतों के नीचे से जाने की वजह से उनकी खेत की उपजाऊ शक्ति कम होगी, जिससे वे भूखा मरने की कगार पर पहुंच जाएंगे।
उन्होंने बताया कि यह पाइप लाइन 60 मीटर का कॉरिडोर में से निकाली जा रही है तथा 60 मीटर का कोई भी मुआवजा नहीं दिया जा रहा। नियमानुसार 60 मीटर में किसान का कोई हक नहीं रहता। किसान उस जमीन पर न तो पेड़-पौधे लगा सकता, न ही ट्यूबवेल कनेक्शन ले सकता तथा न ही मकान बना सकता। इसी मुद्दे के विरोध में 29 को गांव सैय में किसान महापंचायत होगी। इसमें सरकार के खिलाफ बड़े संघर्ष की रूपरेखा तैयार होगी। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन के जिला उपप्रधान करतार गिल, वेदप्रकाश सिंहमार, बानिया मंढ़ौली, बीरू, मैनपाल, सुनील, जयसिंह, रत्न फौजी, काला, सत्तु, बिंद्र मौजूद रहे। संवाद