कोर्ट में श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी के अधिवक्ता मुकेश खरकिया ने अपना पक्ष रखा। जबकि नगर परिषद की तरफ से एलसी (लोकल कमीशनर) राजस्व विभाग के अधिकारी को नियुक्त कराना चाहते थे, जबकि अधिवक्ता मुकेश ने विवादित मामले में किसी निष्पक्ष को एलसी नियुक्त किए जाने का अनुरोध किया। इस पर न्यायालय ने अधिवक्ता राजबाला को एलसी नियुक्त करते हुए 15 जनवरी को इस मामले में रिपोर्ट तलब की।
श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी के अधिवक्ता मुकेश खरकिया ने बताया कि सेठ किरोड़ीमल पार्क की 52 कनाल भूमि है। लेकिन नगर परिषद भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र की तरफ जाने वाले रास्ते पर काफी भूमि को छोड़कर अंदर चहारदीवारी का निर्माण कार्य करा रहे हैं। इसी को लेकर न्यायालय के आदेशों की अवमानना में फिर से न्यायालय की शरण ली है। एलसी यह जांच करेगा कि नगर परिषद जो चहारदीवारी का निर्माण कार्य करा रही है। वह सेठ किरोड़ीमल पार्क के 52 कनाल एरिया से बाहर है या फिर इसके अंदर है। इस दौरान फोटोग्राफ भी न्यायालय के सम्मुख पेश किए जाएंगे। दरअसल, निचली अदालत ने बुधवार को नगर परिषद के अधिकारियों को भी इस मामले में तलब किया था। नगर परिषद अधिकारियों ने भी अपना तर्क कोर्ट के समक्ष रखा।
बता दे कि सेठ किरोड़ीमल पार्क में नगर परिषद ने करीब पौने दो करोड़ के बजट से चहारदीवारी के निर्माण के साथ-साथ पार्क के सुंदरीकरण कार्य का वर्क ऑर्डर एजेंसी को अलाट किया हुआ है। कंस्ट्रक्शन एजेंसी ने चहारदीवारी निर्माण का कार्य शुरू किया हुआ है। पहले भी चहारदीवारी के कार्य को न्यायालय के आदेश पर बीच में ही रुकवा दिया गया था। कई माह तक ये कार्य बंद पड़ा रहा। अब एक बार फिर पार्क के जीर्णोद्धार का मामला न्यायालय में पहुंच गया है। इस मामले में अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी।