भिवानी। अब मंडी में किसान यदि ऊंट या वाहन से फसल लेकर आएंगे तो उन्हें अपनी फसल के साथ खड़ा होकर फोटो खिंचवाना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही उन्हें मंडी में ई गेट पास दिया जाएगा। केवल पंजीकृत वाहन से ही फसल लाने की अनुमति होगी। साथ ही किसान अब अपनी फसल बिक्री के लिए अपने अलावा अधिकतम तीन लोगों को ई खरीद पोर्टल पर अधिकृत कर सकता है। इसके लिए इन व्यक्तियों की फैमिली आईडी और मोबाइल नंबर पोर्टल पर दर्ज कराना अनिवार्य है।
भिवानी जिले में रबी सीजन की सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च से शुरू हो रही है जबकि गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से होगी। जिला मुख्यालय पर सरसों की खरीद के लिए चारामंडी में भी व्यवस्था की गई है लेकिन किसान अभी भी प्राइवेट बोली पर सरसों बेचने में रुचि दिखा रहे हैं। प्राइवेट बोली में सरसों की कीमत 6,000 से 6,700 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि सरकार का एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। इस कारण किसानों को प्राइवेट बोली पर लगभग 500 रुपये अधिक मुनाफा मिल रहा है। आढ़तियों के अनुसार किसान प्राइवेट बोली को प्राथमिकता दे रहे हैं क्योंकि एमएसपी बहुत कम है। यदि सीजन शुरू होने पर मार्केट भाव उच्च रहेगा तो किसानों की फसल सरकारी खरीद में नहीं जाएगी।
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मंडी में फिलहाल मिलर ही किसानों की प्राइवेट बोली पर सरसों खरीद रहे हैं। जिला मुख्यालय में रोजाना लगभग आठ हजार कट्टे सरसों पहुंच रहे हैं। जिले में सात पंजीकृत मिलर हैं लेकिन प्राइवेट बोली में बाहर से भी व्यापारी और मिलर आकर सरसों खरीद रहे हैं। इससे किसानों को एमएसपी से अधिक रेट मिल रहा है। ऐसे में इस बार किसान सरकार को अपनी सरसों बेचने में कम रुचि दिखा रहे हैं। - रेश भूरु, प्रधान, दी ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन, भिवानी
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जिला मुख्यालय की मंडी में सरकारी खरीद के सभी बंदोबस्त किए जा चुके हैं। अगर सरकारी खरीद में किसानों की फसल आवक तेज हुई तो चारामंडी में भी सरसों खरीद शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल मंडी में प्राइवेट बोली पर सरसों बिक रही है। नेफेड द्वारा 28 मार्च से खरीद का शेड्यूल जारी किया जा चुका है। किसानों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। -देवेंद्र ढूल, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड, भिवानी।
बॉयोमेट्रिक से मिलेगा किसानों को मंडी गेट पास
ढिगावा मंडी। ढिगावा मंडी में किसानों की फसल खरीद की व्यवस्था पूरी कर दी गई है। मंडी सुपरवाइजर ने बताया कि सरसों और गेहूं की खरीद में किसान की बायोमीट्रिक पहचान अनिवार्य होगी, साथ ही ट्रैक्टर या गाड़ी का फोटो भी लिया जाएगा। किसान की बॉयोमेट्रिक पूरी होने के बाद ही फसल की सरकारी खरीद संभव होगी। इसके लिए मंडी गेट पर अलग काउंटर लगाया गया है, जहां किसान अपना पंजीकृत नंबर दर्ज कराकर ई गेट पास प्राप्त करेंगे, तभी फसल की खरीद की अनुमति मिलेगी। संवाद