भिवानी। मंगलवार सुबह करीब दस बजे भिवानी-हांसी नेशनल हाईवे पर गांव प्रेमनगर में सिंचाई के लिए नहरी पानी खेतों तक न पहुंचने की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। जाम के कारण हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं।
मौके पर पहुंचे राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। जाम के कारण भारी वाहन गांव प्रेमनगर से होकर गुजरे। इससे हादसे का अंदेशा बना रहा। वहीं करीब घंटे भर बाद ग्रामीण अधिकारियों के आश्वासन पर हाईवे से हटे।
गांव प्रेमनगर के ग्रामीणों ने बताया कि भिवानी-हांसी हाईवे पर दोहरीकरण के चलते एनएचएआई अधिकारियों की ओर से भूमि अधिग्रहीत की गई है। अधिग्रहित की गई भूमि पर प्रशासन द्वारा निशानदेही नहीं की गई है। इसके कारण नहर से खेतों तक सिंचाई के लिए आने वाली नाली लगभग दो एकड़ के आसपास छह माह से बंद पड़ी है। इसके कारण गांव की लगभग 250 एकड़ जमीन सिंचाई से वंचित हो रही है।
धान की फसल के समय किसानों को सिंचाई के लिए पानी न मिलने के कारण महंगे भाव का डीजल फूंककर पानी लगाना पड़ा। इसके कारण उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। वहीं अब बिना पानी के कारण गांव की लगभग 200 एकड़ जमीन बिना सिंचाई के ही रह गई है।
इसके कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को मौके पर पहुंचे राजस्व व एनएचएआई अधिकारियों ने अधिग्रहित की गई जमीन की निशानदेही करवाई। इसके बाद ग्रामीणों ने हाईवे को खोला। वहीं इस मामले को लेकर किसान काफी बार प्रशासन से भी मिल चुके हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई थी।
नाले के निर्माण की मांग के लिए आज उपायुक्त से मिलेगी पंचायत
जमीन निशानदेही के बाद जल्द से जल्द नाले के निर्माण की मांग के लिए बुधवार को पंचायत जिला उपायुक्त से मुलाकात करेगी। इससे नाला निर्माण के बाद नहरी पानी से वंचित खेतों में सिंचाई हो सके। साथ ही किसानों को अगली फसल की बुवाई के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
नहर से खेतों तक सिंचाई पानी के लिए आने वाले नाले को एनएचएआई ने बंद कर दिया है। बिना सिंचाई के फसल उगा पाना असंभव है। नाला खोलने के समाधान की मांग को लेकर काफी अधिकारियों से भी मिल चुके हैं। लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है।
- अशोक बूरा, किसान।
नाला बंद होने के कारण छह माह से हमारे खेतों में सिंचाई के लिए पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके कारण हमें धान की फसल में पानी लगाने के लिए ट्यूबवेलों का सहारा लेना पड़ा। इसके कारण हमें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
- जगदीश, किसान।
पिछले छह माह से सिंचाई के लिए आने वाले पानी की नाला बंद पड़ा है। इसके कारण हमें परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। बिना पानी के गांव की लगभग 200 एकड़ फसल बिना बिजाई के खाली रह गई है। लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- राजकुमार, किसान।
एनएचएआई की ओर से रोड निर्माण के समय डाली गई मिट्टी के कारण सिंचाई नाला बंद हो गया है। इसके कारण छह माह से खेतों में सिंचाई के लिए पानी नहीं पहुंच रहा है। इस समस्या को लेकर किसान काफी बार अधिकारियों से भी मिल चुके हैं। लेकिन हमारी कोई सुनवाई न होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- जयप्रकाश, किसान।
हाईवे पर दोहरीकरण के चलते एनएचएआई अधिकारियों की ओर से भूमि अधिग्रहित की गई है। अधिग्रहित की गई भूमि पर प्रशासन की ओर से निशानदेही नहीं की गई है। इसके कारण नहर से खेतों तक सिंचाई के लिए आने वाली नाली लगभग दो एकड़ के आसपास छह माह से बंद पड़ी है। इसके कारण गांव की लगभग 250 एकड़ जमीन सिंचाई से वंचित हो रही है। मंगलवार को मौके पर पहुंचे राजस्व व एनएचएआई अधिकारियों ने अधिग्रहित की गई जमीन की निशानदेही करवाई। जल्द से जल्द नाले के निर्माण को लेकर बुधवार को पंचायत जिला उपायुक्त से मुलाकात करेगी।
- राजेश कुमार, सरपंच, प्रेमनगर।