मंगलवार को दोपहर तक आढ़तियों ने बाजरे की खरीदी। इसके बाद उन्होंने बाजरे की खरीद बंद कर दी। मंडी के कर्मचारियों ने लगातार किसानों के टोकन काटे। आढ़तियों का कहना है कि एक तो मौसम की मार है ऊपर से खरीद नहीं हो रही, वे बाजरे को कहां रखें। खरीद न होने से किसानों ने मंगलवार को ढाई बजे मंडी के आगे जाम लगा दिया।
किसान सुरेंद्र, कर्मबीर, सुखबीर, धर्मपाल व सत्यवान ने बताया की मंगलवार को सारे दिन वे लाइन में खड़े हैं उनके गेट पास नहीं काटे गए और न ही आढ़ती बाजरा खरीद रहे। किसानों का कहना है कि बाजरे की खरीद नहीं होने से किसान बहुत ज्यादा परेशान हैं और टोकन के लिए लाइनों में खड़े हैं।
उनके द्वारा आठ से 9 हजार क्विंटल बाजरा खरीदा जा चुका है। लेकिन हैफेड की ओर से मात्रा 180 क्विंटल की खरीद की गई है। एक तो मौसम खराब है ऊपर से खरीद नहीं हो रही है। इसलिए वे बाजरे की खरीद नहीं कर रहे।
- चेतन शर्मा, प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन।
बाजरे की खरीद हैफेड द्वारा कॉमर्शियल की जा रही है। झार लगाया हुआ व अन्य नियमों के अनुसार ही बाजरे की खरीद की जाएगी। आत्मप्रकाश ने बताया कि कोई भी आढ़ती झार लगाने को तैयार नहीं है। परचेजर ने बताया कि नियमों के अनुसार साफ-सुथरा बाजरा ही खरीदा जाएगा।
- आत्मप्रकाश, परचेजर, हैफेड।
हमारे तरफ से कोई दिक्कत नहीं है। खरीद एजेंसी की दिक्कत थी, उनकी उच्चाधिकारियों से बात करवा दी है उन्होंने इनको आश्वासन दिया है।
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सुदेश, सचिव, मार्केट कमेटी।