भिवानी। जिले में किसान 6.80 लाख एकड़ में रबी फसल की बिजाई की तैयारी कर रहे हैं, मगर इफको के पास डीएपी खाद का भंडारण खत्म हो गया है। इफको के जिला मुख्यालय और दो ग्रामीण सब सेंटरों पर खाद का स्टॉक खाली है। वहीं सैकड़ों किसान खाद के लिए मारामारी कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि सरकारी भंडारणों पर खाद से इन्कार किया जा रहा है। वहीं प्राइवेट खाद खरीद में लूटमार मची है। जबकि इफको के जिला अधिकारियों का कहना है कि अब तक इस सीजन में डेढ़ लाख डीएपी बैग बिक्री किए जा चुके हैं, जबकि खाद के दूसरा रैक आने के बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
भिवानी जिले में रबी सीजन की बिजाई 25 अक्तूबर से शुरू हो चुकी है। शुरुआत में किसान सरसों बिजाई में लगे हैं, जिसके बाद जल्द ही गेहूं बिजाई भी शुरू होगी। किसान बिजाई के दौरान ही बीज के साथ डीएपी का इस्तेमाल अधिक उत्पादन लेने के लिए कर रहे हैं। क्योंकि यहां पानी की बहुत कमी है। ऐसे में किसानों को इफको केंद्रों के बाहर खाद का स्टॉक खत्म हो चुका है। खाद खत्म होने का बोर्ड लगा देख किसान निराश होकर लौट रहे हैं।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस रबी सीजन में छह लाख 80 हजार एकड़ में किसान बिजाई करेंगे। इसमें साढ़े तीन लाख एकड़ में सरसों बिजाई होगी। जबकि करीब ढाई लाख एकड़ में किसान गेहूं बिजाई करेंगे। इसी तरह 35 हजार एकड़ में चना और सात हजार एकड़ में जौ की बिजाई होगी। किसान हरा चारा की फसल भी लेंगे। अभी तक किसानों ने मुश्किल से जिले में करीब 50 हजार एकड़ में सरसों बिजाई की शुरुआत की है। इन किसानों को भी अब डीएपी खाद की कमी खल रही है।
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मुझे अभी तक खाद नहीं मिली है और लगभग पांच एकड़ में फसल की बिजाई करनी है। जब भी खाद लेने जाता हूं स्टॉक खत्म बताया जाता है। बिना खाद के खेत में फसल की बिजाई कैसे करें। पिछले सीजन भी खाद को लेकर काफी मारामारी रही थी। इफको केंद्रों पर खाद का स्टॉक खत्म होने का हवाला दिया जा रहा है।
-देबू हलवासिया, किसान।
फोटा:10
मैं खाद लेने बहुत बार भिवानी के चक्कर के काट चूका हूं और जब खाद लेने आते हैं तो खाद नहीं मिलती। निराशा होकर घर लौटना पड़ता हैं। पहले सरसों और फिर गेहूं बिजाई से पहले खेत में डीएपी की जरूरत है। मगर इफको केंद्र पर स्टॉक खत्म का बोर्ड लगा है। प्राइवेट दुकानदार खाद के प्रति कट्टा के बहुत अधिक दाम वसूल रहे हैं।
-जोगिंदर तालू
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इफको के केंद्रों पर डीएपी का स्टॉक खत्म हो चुका है। लेकिन हमारे पास एनपी डीएपी उपलब्ध है, जिसमें एक्सट्रा पोटाश है। इसका मूल्य डीएपी से 120 रुपये अधिक है। मगर ये खाद भूमि और फसल दोनों के लिए उत्तम है। डीएपी का अगला रैक कब तक आएगा इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। अब तक डेढ़ लाख कट्टों का वितरण हो चुका है।
-कृष्ण कुमार, सहायक महाप्रबंधक, इफको भिवानी।