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Bhiwani News: बीमा फ्रॉड व मुआवजे को लेकर किसानों में आक्रोश, 16 जुलाई से अनिश्चितकालीन पड़ाव का ऐलान

Wed, 02 Jul 2025 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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सांसद धर्मबीर सिंह को ज्ञापन सौेंपते किसान सभा के पदा​धिकारी।
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भिवानी। खरीफ फसल 2023 में क्षेमा फसल बीमा कंपनी द्वारा किए गए करीब 350 करोड़ रुपये के बीमा घोटाले और रबी फसल 2022-23 के 308 करोड़ रुपये के बकाया मुआवजे को लेकर किसानों में भारी आक्रोश है। इसी के मद्देनज़र अखिल भारतीय किसान सभा व संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह, राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी, सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी और विधायक घनश्याम सर्राफ को ज्ञापन सौंपे। किसानों ने ऐलान किया कि मांग पूरी न होने पर 16 जुलाई से अनिश्चितकालीन पड़ाव डाला जाएगा।
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प्रतिनिधिमंडल ने सांसद के आवास पर ज्ञापन खुद चौधरी धर्मबीर को, राज्यसभा सदस्य व सिंचाई मंत्री के आवास पर उनके पीए दिलबाग नीमड़ी को तथा विधायक के आवास पर पीए आनंद सिंह तंवर को ज्ञापन सौंपा। किसान सभा के जिला प्रधान रामफल देशवाल, उपप्रधान कामरेड ओमप्रकाश, सह सचिव कविता आर्य और कर्ण सिंह जैनावास ने बताया कि क्षेमा फसल बीमा कंपनी ने यह घोटाला कृषि कल्याण विभाग के डायरेक्टर और ज्वाइंट डायरेक्टर की मिलीभगत से किया है। किसानों की मांग है कि इस घोटाले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और किसानों को ब्याज सहित बीमा क्लेम की राशि दी जाए।

इसके अलावा किसानों ने रबी फसल 2022-23 का 308 करोड़ रुपये मुआवजा तुरंत जारी करने, बकाया ट्यूबवेल कनेक्शन देने, डीएपी और यूरिया खाद की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करने, बिजली टावरों व तेल पाइप लाइन का न्यायोचित मुआवजा देने, बिजली निजीकरण व स्मार्ट मीटर योजना को रद्द करने और बढ़े हुए बिजली रेट वापस लेने सहित कुल 14 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे।
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किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों का समाधान नहीं किया गया तो वे 16 जुलाई से लोहारू उपमंडल अधिकारी नागरिक (एसडीएम) कार्यालय पर 24 घंटे का अनिश्चितकालीन पड़ाव डालेंगे। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक बीमा घोटाले की जांच और किसानों को मुआवजे की राशि नहीं दी जाती। प्रतिनिधिमंडल में मास्टर शेर सिंह, डॉ. बलबीर ठाकन, रणधीर सांगवान, अशोक आर्य एडवोकेट, नरेश शर्मा भी शामिल रहे।
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