भिवानी। नगर परिषद में अभी फर्जी प्रॉपर्टी आईडी का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि नप अधिकारियों व कर्मचारियों का एक और नया कारनामा उजागर हुआ है। इस बार नगर परिषद अधिकारियों व कर्मचारियों ने आरोपियों से सांठगांठ कर फर्जी यूनिट तैयार कर करोड़ों रुपये की संपत्ति के मालिक ही रिकॉर्ड में बदल डाले। नगर परिषद के पूर्व पार्षद आनंद बासिया ने मामले की शिकायत नगर परिषद के जिला नगर आयुक्त को दी है। जिला नगर आयुक्त ने इस मामले की जांच नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को सौंप एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है। अब जांच में नगर परिषद कर्मचारियों व अधिकारियों का फर्जीवाड़ा उजागर होगा।
नगर परिषद के जिला नगर आयुक्त को दी शिकायत में पूर्व पार्षद आनंद बासिया ने बताया कि शहर के हालु बाजार में करीब 80 साल पुरानी दुकान है। जिसकी नगर परिषद के रिकॉर्ड में यूनिट संख्या आई 321, आई 322, आई 323 दर्ज है। तीनों यूनिटों की 68 वर्गगज में एक पुरानी दुकान बनी है। जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है। नगर परिषद के रिकॉर्ड में इस संपत्ति में तीन लोग असल मालिक और काबिज हैं। लेकिन मार्च माह में नगर परिषद अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से इन तीनों यूनिटों की संपत्ति की अलग से नगर परिषद में फर्जी यूनिट ए नाम से दर्ज कर दी गई। जब इसकी भनक उन्हें लगी तो उन्होंने नगर परिषद के रिकॉर्ड में जांच करने पर पाया कि बिना किसी अधिकृत अधिकारी की स्वीकृति के फर्जी यूनिट बनाई गई हैं, जिसे बनाने के लिए किसी अधिकारी के कोई आदेश व हस्ताक्षर तक नहीं है।
लाखों रुपये लेकर बनाई गई फर्जी यूनिट, अब संपत्ति हड़पने की तैयारी
पूर्व पार्षद ने अपनी शिकायत में यह भी हवाला दिया है कि आरोपियों ने नगर परिषद अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर रिकॉर्ड में रातोंरात फर्जी यूनिट बनवाकर संपत्ति हड़पने की कोशिश की जा रही है। नगर परिषद अधिकारियों ने सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की है। पूर्व पार्षद आनंद बासिया ने बताया कि उन्होंने ये संपत्ति असल मालिकों से करीब तीन साल पहले एग्रीमेंट पर खरीदी थी, जिसकी रजिस्ट्री होने बाकी है।
मेरे पास पूर्व पार्षद की तरफ से शिकायत आई है। जिसकी जांच नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को सौंपी गई है। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि सरकारी रिकाॅर्ड से वास्तव में छेड़छाड़ हुई है या नहीं। सप्ताह भर में ईओ से इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद ही इस मामले में आगे कदम उठाया जाएगा।
-गुलजार मलिक, जिला नगर आयुक्त, नगर परिषद, भिवानी।