शहर की गोशाला मार्केट में उषा, वी-गार्ड जैसी नामी कंपनियों के नाम से नकली स्टेबलाइजर तैयार किए जा रहे थे। नामी कंपनियों के स्टेबलाइजर भले ही 2800 से 3000 में बिकता हो मगर यहां नकली स्टेबलाइजर 1800 से 2000 में बेचे जा रहे थे। ब्रांडेड कंपनियों की अधिकृत कंपनी स्पीड नेटवर्क के डायरेक्टर और फिल्ड मैनेजर ने पुलिस को साथ लेकर कार्रवाई की तो सारा खेल खुला। 68 नकली स्टेबलाइजर और काफी सामान माल बरामद किया। फिलहाल पुलिस ने एक दुकान संचालक पर कॉपीराइट एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
मामला शुक्रवार देर शाम का है। गोशाला मार्केट में उषा, वी-गार्ड जैसी नामी कंपनी के नकली स्टेबलाइजर बनाकर बेचे जा रहे थे। न केवल बेचे जा रहे थे बल्कि अनेक दुकानों पर भी सप्लाई किए जा रहे है। जिससे कंपनी को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा था। इन ब्रांडेड कंपनी की ओर से अधिकृत कंपनी स्पीड नेटवर्क के डायरेक्टर रमेश दत्त, फिल्ड मैनेजर मोहित शर्मा ने भिवानी में सर्वे किया और पाया कि सूचनाएं सहीं थी। जिसके बाद कंपनी प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पुलिस टीम साथ ली। दिनोद गेट चौकी पुलिस को साथ लेकर कंपनी की टीम ने शुक्रवार शाम गोशाला मार्केट की दुकान नंबर 40 पर छापा मारा। जहां काफी मात्रा में नामी कंपनी के स्टेबलाइजर मिले। जांच के दौरान 68 तैयार स्टेबलाइजर और स्टेबलाइजर बनाने की मशीन व अन्य सामान बरामद किया। सारा सामान पुलिस ने जब्त कर लिया है। यहां दुकान संचालक विजय के खिलाफ कॉपी राइट एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
स्पीड नेटवर्क कंपनी के डायरेक्टर रमेश दत्त, फिल्ड मैनेजर मोहित शर्मा ने बताया कि लंबे समय से उन्हें शिकायत मिल रही थी कि उनकी कंपनी के नाम से नकली स्टेबलाइजर असेंबल कर मार्केट में भी बेचे जा रहे है। यहां जांच की तो पाया कि नकली स्टैपलाइजर से लाखों रुपये का नुकसान कंपनी को किया जा रहा था। जिसके बाद यहां निरीक्षण किया गया। जांच में 68 तैयार और काफी मात्रा में कच्चा माल बरामद किया है। मामले में दिनोद गेट चौकी से एसआई वेदप्रकाश ने बताया कि कॉपीराइट एक्ट के तहत केस दर्ज किया है और जांच की जा रही है।
खूब चल रहा है खेल
भिवानी में ब्रांडेड कंपनियों के नकली उत्पाद बेचने का खेल खूब चल रहा है। इससे पहले नामी कंपनियों का स्पोर्ट्स सामान, कपड़े बनाने की फैक्ट्री बैंक कॉलोनी में पकड़ी गई थी। इसके बाद नया बाजार में नामी कंपनियों की नकली केबल पकड़ी गई। नकली भुजिया भी पकड़ी गई और अब ब्रांडेड कंपनियों के नाम से नकली स्टेबलाइजर बनाने का पर्दाफाश हुआ है।