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... साहब न खाने की व्यवस्था और किरायेदार किराया मांगता है, इसलिए जा रहे है, जाने दो

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नहीं थम रहा पलायन... रोहतक रोड पर अपने परिवार के साथ पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों के परिवार। - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। साहब न खाने की व्यवस्था और न ही मजदूरी मिल रही। ऐसे में मकान मालिक किराया मांगता है, कमरे का किराया कहां से देंगे। हमें जाने दो। यह गुहार उत्तरप्रदेश और बिहार जा रहे मजदूरों ने औद्योगिक थाना के पास लगे नाके पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों के समक्ष लगाई। पुलिस कर्मचारियों ने उच्च अधिकारियों का हवाला देकर मजदूरों को जाने से रोका। बावजूद इसके मजदूरों का पलायन जारी रहा। दो दिन के दौरान पांच हजार से अधिक पलायन कर चुके हैं और यह सिलसिला जारी है।
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कोरोना वायरस ने मजदूरों के सामने आर्थिक परेशानी भी खड़ी कर दी है। होली के बाद हजारों की संख्या में मजदूर मजदूरी के लिए भिवानी आए। इसके बाद यह कोरोनो महामारी के चलते पूरा देश लॉकडाउन हो गया। यहां किराये के कमरों में रहने वाले मजदूरों के सामने भी संकट खड़ा हो गया। इसके चलते हर रोज मजदूरों की 20 से 50 की संख्या में टोलियां भिवानी-दिल्ली मार्ग पर दिल्ली की तरफ जाती दिखाई देती हैं। रविवार को पुलिस इन्हें रोकती नजर आई और मजदूर उनके समक्ष हाथ जोड़कर गुहार लगाते नजर आए कि साहब हमें जाने दो, यहां भूख मर जाएंगे। कमरे का किराया देने के लिए भी रुपये नहीं है उनके पास। खाना कुछ समाजसेवी लोग रहे हैं मगर यह नियमित नहीं है। पिछले तीन दिन के दौरान परिवार के अधिकतर सदस्य भूखे रहे हैं। मजदूर राकेश, राम कुमार, भंवर लाल, बहादुर सिंह, भूप सिंह ने बताया कि आए तो यहां काम के सिलसिले में थे कि मजदूरी कर बच्चों का पेट पालेंगे मगर यहां मजदूरी ही नहीं मिल रही। अब क्या करें कुछ समझ ही नहीं आ रहा। हमें फरुखाबाद, झांसी जाना है। बातीराम, रामजानी, सलमान ने बताया कि उन्हें बरेली जाना है, मगर कोई साधन नहीं मिल रहा। अब पुलिस पैदल भी नहीं जाने दे रही।
रोहतक से वापस आए 150 मजदूर
शनिवार शाम और सुबह दिल्ली की ओर रवाना हुए मजदूरों को रोहतक से वापस कर दिया गया। करीब 150 मजदूरों को बस के माध्यम से वापस भिवानी में छोड़ दिया गया। वापस आए मजदूर राजाराम पांडे ने बताया कि परिवार के कुछ सदस्य शनिवार को रोहतक गए थे। उनका फोन आया कि रोहतक से दिल्ली के लिए बस चल रही है। इसी कारण रोहतक जा रहे है मगर यहां पुलिस ने रोक लिया है। करीब 150 मजदूरों को रोहतक से यहां वापस भेज दिया गया है। अब वे सड़क पर हैं और नहीं पता कि क्या करें, कहां जाए।

औद्योगिक क्षेत्र के नाके पर प्रवासी मजदूरों को रोकते हुए पुलिस कर्मचारी।- फोटो : Bhiwani

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