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Bhiwani News: फसलों में अधिक नमी से रुकी सरकारी खरीद

Fri, 03 Apr 2026 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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अनाज मंडी में सरसों को सुखातीं महिलाएं।
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भिवानी। किसानों की फसल के अंदर नमी अधिक होने से सरकारी खरीद रुकी है वहीं मंडी में फसल खरीद के दौरान किसानों की बॉयोमेट्रिक के निर्णय से आढ़ती उलझन में फंस गए हैं। वीरवार को भिवानी मंडी में करीब 12 किसानों की एक हजार क्विंटल गेहूं की आवक हुई। लेकिन अधिक नमी की वजह से किसानों को फसल सुखाने के लिए बोला गया है वहीं सरसों में भी बारिश के बाद अधिक नमी के चलते अब तक सरकारी खरीद का खाता तक नहीं खुला है।
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प्राइवेट बोली पर सरसों बिक रही है। आढ़तियों ने भी किसानों के गेहूं खरीद में बॉयोमेट्रिक की शर्त का खुलकर विरोध किया है। हालांकि अभी तक आढ़तियों ने किसी भी तरह के आंदोलन से साफ इंकार किया है, मगर प्रशासन के कानों तक अपनी आवाज जरूर पहुंचाई है।
भिवानी जिला मुख्यालय की मंडी में वीरवार को एक हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। लेकिन अभी तक गेहूं की सरकारी खरीद नहीं हुई है। किसानों के गेहूं में नमी 18 से 20 फीसदी आ रही है। जिसको लेकर मंडी में पहुंचे किसान अपना गेहूं सुखाने में जुटे हैं। वहीं सरसों की सरकारी खरीद का खाता भी अभी तक नहीं खुला है। जबकि किसान हजारों क्विंटल सरसों प्राइवेट बोली पर बेच चुके हैं। वहीं मंडी के आढ़तियों ने गेहूं की सरकारी खरीद में बॉयोमेट्रिक का विरोध किया है। इसको लेकर गेहूं की सरकारी खरीद भी ठप रहने की संभावना है।
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दी ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के प्रधान नरेश उर्फ भूरु सहित अन्य आढ़तियों का कहना है कि गेहूं की सरकारी खरीद के दौरान किसानों की बॉयोमेट्रिक संभव नहीं हैं क्योंकि वे आढ़ती के भरोसे ही फसल मंडी में छोड़कर जाते हैं। अब किसान को फसल की बोली पर दोबारा बुलाया जाना व्यावहारिक नहीं है। यह भी सुनिश्चित नहीं है कि आखिर कब तक किसान की फसल बिक्री होगी, ऐसे में किसान को मंडी में ही फसल बिक्री के लिए तीन से चार दिन का इंतजार करना पड़ सकता है।

चांग मंडी में हुई गेहूं की आवक, 60 क्विंटल गेहूं की हुई खरीद

चांग। गांव चांग में स्थित अनाज मंडी में वीरवार से गेहूं की आवक शुरू हो गई। खरीद के दूसरे दिन गांव चांग अनाज मंडी में 60 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी। मंडी प्रधान अशोक परमार ने बताया कि दूसरे दिन मंडी में किसानों की अच्छी आवाजाही देखने को मिली। उन्होंने बताया कि किसानों को 5 गेट पास जारी किए गए। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में गेहूं की आवक बढ़ने की संभावना है। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्था पूरी कर ली गई है। गांव चांग में खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा गेहूं की खरीद की जा रही है।



डीसी ने फसल खरीद व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए किया कमेटियों का गठन

जिले की विभिन्न मंडियों में फसल खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित व सुचारु रूप से संचालित करने के लिए डीसी साहिल गुप्ता ने विशेष कमेटियों का गठन किया है। एडीसी दीपक बाबूलाल करवा को ओवरऑल इंचार्ज नियुक्त किया है, जो पूरे जिले में खरीद कार्यों की निगरानी करेंगे। डीसी गुप्ता ने अपने आदेशों में कहा है कि सरकार के निर्देशानुसार 28 मार्च से 6200 रुपए एमएसपी पर सरसों की सरकारी खरीद और एक अप्रैल से बुधवार से 2585 रूपए एमएसपी पर गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। फसल खरीद कार्य सुचारु रूप से करने और अनाज मंडियों व परचेज सेंटरों पर बिजली-पानी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करवाने को लेकर कमेटियां गठित की गई हैं। मंडियों में भिवानी, लोहारू, तोशाम और सिवानी के लिए संबंधित एसडीएम को संबंधित मंडियों में व्यवस्था के लिए गठित कमेटियों का अध्यक्ष बनाया है। इसके अलावा विभिन्न खरीद केंद्रों के लिए भी अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। जूई व कैरू परचेज सेंटर के लिए बीडीपीओ कैरू, बहल व पाजू के लिए नायब तहसीलदार बहल, ढिगावा मंडी के लिए नायब तहसीलदार लोहारू, बवानी खेड़ा के लिए नायब तहसीलदार बवानी खेड़ा तथा चांग के लिए बीडीपीओ भिवानी को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी प्रकार धनाना के लिए तहसीलदार भिवानी, खरक कलां के लिए नायब तहसीलदार भिवानी, कुगड़ के लिए बीडीपीओ बवानी खेड़ा तथा पटौदी के लिए नायब तहसीलदार तोशाम को कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है।



ये भी होंगे कमेटी में शामिल
डीसी द्वारा प्रत्येक कमेटी में अन्य सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है जिनमें संबंधित मार्केट कमेटी के सचिव, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग (एएफएसओ) अधिकारी तथा संबंधित एजेंसी के परचेज इंस्पेक्टर व संबंधित क्षेत्र के एसएचओ को बतौर सदस्य नियुक्त किया गया है। ये सभी अधिकारी व सदस्य मंडियों में फसल खरीद कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के साथ-साथ किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करेंगे। साथ ही बिजली, पानी, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।



सरकार ने गेहूं खरीद के लिए गुणवत्ता मानक भी निर्धारित किए हैं। इसके तहत अनाज साफ, सूखा, परिपक्व एवं प्राकृतिक रंग-रूप का होना चाहिए तथा उसमें किसी प्रकार की दुर्गंध, हानिकारक पदार्थ या जहरीले बीज नहीं होने चाहिए। निर्धारित सीमा से अधिक अशुद्धियां पाए जाने पर फसल अस्वीकार की जा सकती है। सरकार द्वारा जारी इस नीति का उद्देश्य किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करना और खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी व सुचारु बनाना है।
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-साहिल गुप्ता उपायुक्त भिवानी।
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