साक्षर भारत मिशन के अंतर्गत साक्षर होने के लिए बड़ी संख्या में बुजुर्ग पुरुष, महिलाएं समेत मजदूर वर्ग प्रौढ़ साक्षरता परीक्षा देने के लिए परीक्षा सेंटरपर पहुंचे। मिशन के तहत निर्धारित 40 हजार लक्ष्य को पार कर पूरे जिले भर में 43,039 लोगों ने साक्षरता परीक्षा में अपीयर हुए। पढ़ा-लिखा होने का प्रमाण देने के लिए महिलाएं, पुरुषों से लगभग दोगुनी संख्या में अपीयर हुई। प्रौढ़ साक्षरता परीक्षा में जिले के कुल 14,716 पुरुष तो वहीं अपीयर होने वाली महिलाओं की संख्या 26,323 रही। गांव डूडीवाला में 87 वर्षीय महिला शांति व खरकड़ी झावरी की 85 वर्षीय महिला गुलाबी ने परीक्षा दी।
रविवार को जिले में दस खंडों के 450 परीक्षा केंद्रों पर प्रौढ़ साक्षरता परीक्षा का आयोजन हुआ। साक्षरता परीक्षा में भिवानी खंड में सबसे ज्यादा 7012 लोगों ने परीक्षा दी। इनमें 2692 पुरुष व 4320 महिलाएं शामिल रही। वहीं बहल खंड में 2439 प्रौढ़ परीक्षा देने पहुंचे। इनमें 922 पुरुष व 1517 महिलाओं ने परीक्षा दी। मिशन कोआर्डिनेटर व जिला परियोजना अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रेरकों, स्कूल स्टॉफ की निगहबानी में हुई परीक्षा में अपने निर्धारित लक्ष्य के आंकड़े को हासिल किया। परीक्षा के दौरान दिल्ली, चंडीगढ़ से आए निरीक्षण दल ने विभिन्न केंद्रों पर जाकर जायजा लिया। वहीं उनकी अगुवाई में जिलास्तरीय निरीक्षण दल में रिसोर्स पर्सन पवन कुमार, रिटायर्ड हेडमास्टर भानूप्रकाश, प्रदीप कुमार ने केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान गोलपुरा, लेघां, ढ़ाणी माहू, रिवासा, तोशाम, बापोड़ा आदि गांवों में निरीक्षण करते हुए फोटोग्राफर मनोज जांगड़ा द्वारा परीक्षार्थियों की वीडियोग्राफी भी करवाई गई।