दुष्यंत के सभी नेता व कार्यकर्ता उसे छोड़कर जा रहे हैं और वे बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने मंच के माध्यम से कहा कि उनकी सजा पूरी हो चुकी है, परंतु राजनीतिक कारणों के चलते उनके दिव्यांग व उम्र दराज होने के बावजूद भी उन्हें जेल में रखा जा रहा है। प्रदेश में मध्यावधि चुनाव निश्चित है। लोगों ने मन बना लिया है कि इस सरकार का पतन करना है। चुनाव लोग ही करवाते हैं और लोगों में नाराजगी है, इसलिए यह सरकार ज्यादा नहीं चलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार पांच साल क्या पांच महीने भी नहीं चलेगी। प्रदेश की जनता ने भाजपा, कांग्रेस को नकार कर अब इनेलो से आस जतानी शुरू कर दी है। इनेलो ही प्रदेश का भला कर सकती है। इसलिए प्रदेश में संगठन को मजबूत किया जा रहा है। कुछ इनेलो के साथी बहकावे में इधर-उधर चले गए थे, उन्हें भी मनाया जा रहा है। हमारा किसी से कोई द्वेष नहीं है यदि द्वेष है तो कुशासन से है। जो रूठे हुए हैं उनको हम मनाएंगे ही नहीं बल्कि दूसरी पार्टियों के अच्छे कार्यकर्ताओं को भी हम इनेलो में शामिल करेंगे।
दुष्यंत चौटाला बोले- पार्टी से निकाल किसने था
पूर्व सीएम ओपी चौटाला के बयान इनेलो में दुष्यंत होता तो सीएम होता के जवाब में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मुझे पार्टी से निकाला किसने था।
उपभोक्ता फोरम को लघु सचिवालय परिसर में लाया जाएगा : बार एसोसिएशन में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कोर्ट परिसर के दो द्वारों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि जिला की उपभोक्ता फोरम को लघु सचिवालय परिसर में ही स्थापित करवाया जाएगा।
इसके लिए जरूरी सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करवाया जाएगा। बार प्रधान जोगेंद्र तंवर द्वारा लाइब्रेरी के विस्तार की मांग पर उन्होंने कहा कि वर्तमान युग डिजिटिलाइजेशन का है और भिवानी बार की लाइब्रेरी को डिजिटल करने पर जो भी खर्च आएगा, उसे वे स्वयं उठाएंगे। अधिवक्ता जोगेंद्र तंवर ने उप मुख्यमंत्री का स्वागत किया और बार की तरफ से एक मांगपत्र प्रस्तुत किया।
बार प्रधान ने कोर्ट परिसर में टाइपिस्ट कैंपस में इंटरलॉक टाइल लगवाने, वकीलों के चैंबर में बिजली के बिलों को डोमेस्टिक में करवाने, बार परिसर पर सौर ऊर्जा संयत्र लगवाने व वाहन पार्किंग की व्यवस्था करवाने की मांग रखी, जिस पर उप मुख्यमंत्री चौटाला ने हर संभव समाधान करने का आश्वासन दिया।