मेडिकल कॉलेज में मरीज की जांच करते डॉ नवीन।
भिवानी। असंतुलित मौसम के चलते ईएनटी (कान, नाक व गला) रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को मेडिकल कॉलेज परिसर की ईएनटी ओपीडी में करीब 150 मरीज उपचार के लिए पहुंचे जिनमें अधिकतर कान और गले के संक्रमण से पीड़ित पाए गए। शुक्रवार शाम हुई बारिश के बाद मौसम में ठंडक और शनिवार को अचानक गर्मी बढ़ने से मरीजों की समस्या और अधिक बढ़ गई।
जिला मेडिकल कॉलेज परिसर की ईएनटी ओपीडी में विशेषज्ञ डॉ. नवीन ने बताया कि इस समय मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है और वातावरण में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ा हुआ है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों के कारण सूखी खांसी, गले में खराश और संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदूषण का असर आंखों पर भी पड़ रहा है जिसके चलते नेत्र ओपीडी में प्रतिदिन करीब 200 मरीज आंखों में जलन, पानी आने और लालपन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इसके अलावा बदलते मौसम में खानपान में लापरवाही भी बीमारियों का बड़ा कारण बन रही है। ठंडी चीजों का सेवन और बाहर का खुला भोजन गले के संक्रमण को बढ़ावा दे रहा है। डॉ. नवीन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी कि समय रहते बचाव अपनाकर मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रहा जा सकता है।
उपाय
घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर लगाएं ताकि धूल और धुएं से बचाव हो सके।
आंखों में जलन होने पर उन्हें रगड़ने के बजाय साफ और ठंडे पानी से धोएं।
गले की खराश से बचाव के लिए गुनगुने पानी का सेवन करें और नमक के पानी से गरारे करें।
बासी या अत्यधिक ठंडे पेय पदार्थों का सेवन न करें।
मौसम बदलाव के साथ ही मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो जाता है। सभी विशेषज्ञों की ओपीडी में पर्याप्त इंतजाम किए हुए हैं। मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होने दी जा रही है। जिन मरीजों का पुराना उपचार चल रहा है वे संबंधित चिकित्सक के ओपीडी शेड्यूल पर ही अपना रूटीन चेकअप कराने पहुंचे ताकि अन्य दिनों में दूसरे मरीजों को परेशानी ना उठानी पड़े। -डॉ. बलवान सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।