भिवानी। हरियाणा के सरकारी बिजली वितरण तंत्र को निजी हाथों में सौंपने की साजिश के खिलाफ बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं में रोष बढ़ गया है। गुरुग्राम और नूंह राजस्व जिलों में निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस दिए जाने के प्रस्ताव के विरोध में कर्मचारी संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।
इसे कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी और विश्वासघात करार देते हुए हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन का एलान किया है। आंदोलन के पहले चरण के तहत रविवार को प्रदेश के सभी जिलों में विधायकों को ज्ञापन सौंपकर उनसे चालू विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को उठाने की मांग की गई।
इसके बाद 31 अगस्त को सभी सब-डिवीजनों पर प्रस्ताव से संबंधित प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, 3 सितंबर 2026 को हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के समक्ष विशेष अपील और जनसुनवाई के दौरान शक्ति प्रदर्शन करने की रणनीति तय की गई है।
इसी कड़ी में रविवार को हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा की बैठक स्थानीय बीटीएम रोड स्थित बिजली घर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा पावर कॉरपोरेशन एससी-बीसी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह बराड़ ने की।
बैठक के बाद बिजली कर्मचारियों ने भिवानी जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों को मांगपत्र सौंपे। कर्मचारियों ने विधायकों से मांग की कि वे गुरुग्राम और नूंह राजस्व जिलों में निजी कंपनी को समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस दिए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ चालू विधानसभा सत्र में सरकार के समक्ष आवाज उठाएं।