भिवानी। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान मेले के तहत 26 जुलाई को पंचायत भवन में भिवानी विधानसभा क्षेत्र के लिए विशेष मेला आयोजित किया जाएगा। एडीसी ने कहा कि मेले में आर्थिक रूप से कमजोर पात्र परिवारों को मौके पर ही विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
मेले की तैयारियों के लिए शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में एडीसी दीपक बाबूलाल करवा की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान मेले का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि मेले में 19 विभाग अपनी-अपनी योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाएंगे। एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों को फोन के माध्यम से सूचना देकर मेले में आमंत्रित किया गया है। उन्होंने बताया कि मेले में सबसे पहले लाभार्थियों का स्वागत वेलकम डेस्क पर किया जाएगा।
इसके बाद काउंसलिंग टीम के सदस्य लाभार्थियों से संपर्क कर उनकी आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभाग के काउंटर तक पहुंचाएंगे। यदि किसी लाभार्थी के दस्तावेज अधूरे होंगे तो उन्हें मौके पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
बैठक में समाज कल्याण विभाग के अधिकारी रविंद्र ने बताया कि मेले में कुल 3,078 लाभार्थियों के शामिल होने की संभावना है। इनमें 26 गांवों के 1,404 तथा भिवानी शहर के 31 वार्डों के 1,674 लाभार्थी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सभी संभावित लाभार्थियों को फोन के माध्यम से मेले की जानकारी देकर आमंत्रित किया जा रहा है।
बैठक में जिला कल्याण अधिकारी देवेंद्र, पशुपालन विभाग से डॉ. सुनील, टीडब्ल्यूओ राजकुमार, एनयूएलएम से ज्योति पांचाल तथा रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव प्रदीप हुड्डा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इन विभागों में होंगे योजनाओं के आवेदन
मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान मेले में 19 विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे जहां विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन किए जाएंगे। इनमें ग्रामीण विकास, पशुपालन एवं डेयरी, बागवानी, रोजगार, एमएसएमई, उद्योग एवं वाणिज्य, हरियाणा स्किल डेवलपमेंट मिशन, हरियाणा महिला विकास निगम, हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी, मत्स्य पालन, बाल कल्याण, विकास एवं पंचायत सहित अन्य विभाग शामिल रहेंगे। इन विभागों की योजनाओं का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर पात्र परिवारों को मौके पर ही उपलब्ध कराया जाएगा।