बिजली चोरी को रोकने के लिए बिजली निगम अब गंभीर नजर आ रहा है। निगम अधिकारियों ने मंगलवार को शहर की महेंद्रगढ़ चुंगी और तिकोना पार्क के समीप झुग्गी-झोपड़ियों में बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया। इस दौरान अवैध बिजली सप्लाई के लिए करीब दो किलोमीटर दूरी तक बिछाई गई केबल को भी निगम कर्मचारियों ने उखाड़ दिया। इस कार्रवाई का विरोध भी हुआ। मगर एक्सईएन की अगुवाई में पहुंची निगम की टीम ने उनकी एक न सुनी। साथ ही भविष्य में बिजली चोरी करते पाए जाने पर पुलिस कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई। फिलहाल शहर का लाइन लॉस 45 प्रतिशत से अधिक चल रहा है।
शहर के करीब आधा दर्जन क्षेत्रों में स्लम बस्तियां (झुग्गी-झोपड़ियां) बनाई हुई है। इनमें रहने वाले लोगों का पुलिस के पास कोई रिकार्ड तक नहीं है। हां, वोट बैंक के चक्कर में कुछ पार्षदों की मिलीभगत से इनके वोट जरूर बने हुए हैं जबकि इनके घर तक का पता स्थायी नहीं है। पिछले लंबे समय से ये लोग सरेआम कुंडी डालकर या फिर सीधा ट्रांसफार्मरों से अवैध कनेक्शन लेकर जमकर बिजली उपयोग कर रहे हैं। महेंद्रगढ़ चुंगी पर तो करीब 150 झुगगी-झोपड़ियां है तो वहीं तिकोना पार्क पर भी इनकी तादाद एक दर्जन के करीब है। इन क्षेत्रों के अलावा बाकी जगहों पर भी ये ही हाल है। लगातार बढ़ रहा लाइन लॉस निगम के लिए सरदर्द बना हुआ है। इसी पर अंकुश लगाने के लिए निगम की सात सदस्यीय टीम ने मंगलवार को धरपक्कड़ अभियान चलाया।
70 प्रतिशत झुग्गियों में हैं टीवी-कूलर
एक्सईएन बिजेंद्र सिंह लांबा की अगुवाई में जब निगम की टीमें महेंद्रगढ़ चुंगी स्थित स्लम बस्तियों में पहुंची तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के होश फाख्ता हो गए। यहां स्थित करीब 150 बस्तियों में से 70 प्रतिशत में कूलर व टीवी मिले। इतना ही नहीं टीम ने जब स्थिति को जायजा लेने के लिए झुग्गियों के अंदर जाकर देखा तो कई ऐसी मिली जिनके अंदर कोई इंसान नहीं था मगर कूलर व टीवी ऑन पड़े थे। इस लिहाज से अधिकारियों के अनुसार प्रतिदिन करीब एक हजार से ज्यादा यूनिट की चोरी ये लोग कर रहे हैं।
गैरकानूनी काम भी चल रहे धड़ल्ले से
झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोग गैरकानूनी काम भी सरेआम कर रहे थे। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे जब बिजली निगम की टीम यहां पहुंची तो कुछ लोग बड़े आराम से नशा करने में मशगूल थे तो कुछ झाड़ियों के बीच जुआं खेलने में मशगूल थे। इस माजरे को देखकर अधिकारी खुद हक्का-बक्का रह गए। ज्यों ही इनकी नजर बिजली निगम की टीम पर पड़ी तो कुछ मौके से भाग खड़े हुए तो कुछ नजरों से बच-बचाकर झुग्गियों में ही घुस गए। बिजली निगम की टीम ने पहले महेंद्रगढ़ चुंगी पर बनी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की जमीन को चौतरफा निरीक्षण किया। इस दौरान झुग्गियों तक अवैध रूप से पहुंच रही बिजली सप्लाई का खेल अधिकारियों की समझ में आ गया। झुग्गियों तक बिजली सप्लाई पहुंचाने के लिए दो बिजली खंभों व एक मेन ट्रांसफार्मर से केबल डाली गई थी। जबकि चौथी तरफ केबल एक दुकान के ऊपर से बिजली तार में कट लगाकर बिछाई गई थी। जब टीम कर्मचारियों ने इन केबलों को उखाड़ना शुरू किया तो एकाएक झुग्गीवासी ऊखड़ गए और इसका विरोध करने लगे। बावजूद इसके एक्सईएन कर्मचारियों को काम जारी रखने के आदेश देते रहे।