बिजली निगम गांव मकड़ानी स्थित नव निर्मित 132 केवी मिनी पॉवर हाउस से आज से बिजली सप्लाई शुरू करेगा। शनिवार से इसके वर्किंग में आने पर जहां 25 गांवों का बिजली संकट दूर होगा तो वहीं शहर को भी 33केवी अलग से बिजली सप्लाई मिलेगी। वहीं, इन सभी गांवों में लाइन छोटी होने से बिजली फॉल्ट कम होने तय है। इतना ही नहीं, कम वोल्टेज की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा। करीब तीस हजार उपभोक्ताओं से जुड़े इस प्रोजेक्ट को सबसे पहले अमर उजाला ने 30 जुलाई के संस्करण में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
कनीना- चिडिय़ा व महेंद्रगढ़ रोड पर स्थित गांवों में बिजली की शुरू से ही समस्या बनी रही है हालाकि इस क्षेत्र में गांव घसौला व मकड़ाना में 33 केवी का मिनी पावर हाउस भी हैं लेकिन यह कई दशक पहले के बने हुए हैं। ट्यूबवेलों की संख्या में लगातार इजाफा होना भी बिजली समस्याओं को प्रमुख कारण माना जा रहा है। वहीं घरेलू लोड की क्षमता में भी दो गुणा तक बढ़ोतरी हुई है। पिछले दिनो बिजली निगम ने इस क्षेत्र पर बिजली सुधारीकरण पर फोकस था।
आधुनिक तकनीक का पावर हाउस बनकर तैयार
यह 132 केवी का पावर हाउस आधुनिक ट्रांसफार्मर व मशीनों युक्त है। पावर हाउस को क्षेत्र के लोड की क्षमता के अनुरूप तैयार किया गया है। उसी अनुपात में पावर ट्रांसफार्मर व मशीनेें लगाई गई हैं ताकि लंबे समय तक बिजली की समस्या पैदा न होने पाए। यह 133 केवी का नया पावर हाउस शुरू होने पर गांव रामनगर, मौड़ी, कपूरी, चिडिया, आदमपुर, दाढ़ीबाना, मकड़ाना, मकड़ानी, संतोखपुरा, गोठड़ा, खेड़ी सनवाल, दूधवा, चांगरोड़ बधवाना आदि गांवों के लोगों को अधिक फायदा होगा।
घसौला व मकड़ाना 33 केवी सब स्टेशन होंगे कनेक्ट
गांव घसौला व मकड़ाना के 33 केवी को भी मकड़ानी पावर हाउस से कनेक्ट करने की निगम की प्लानिंग है। घसौला 33 केवी से शहर के कई भागों में भी बिजली आपूर्ति की जा रही है। मकड़ानी पावर चालू होने पर शहर की समस्या भी दूर हो जाएगी। आदमपुर व दाढ़ी गांवों में भी 11 हजार वोल्ट की लाइनें जोड़ दी जाएंगी।
लाइन टेस्टिंग का काम हो चुका है पूरा
निगम ने पावर हाउस चालू करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। पावर हाउस मशीनों व पावर ट्रांसफार्मर की तकरीबन टेस्टिंग आदि पूरी की जा चुकी हैं। थोड़ी बहुत मेंटनेंस बाकी है इसे जल्द ही पूरा कर शनिवार तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा। मकड़ानी में सब स्टेशन बनाने की मांग पिछले कई सालों से एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण उठा रहे थे। कुछ समय पहले ही निगम के अधिकारियों ने इस पर सहमति जताते हुए प्रोजेक्ट को हरी झंडी देकर तत्परता से इस पर काम शुरू करवा दिया था।