अपनी मांगों को लेकर सर्किल कार्यालय में एकत्रित कर्मचारी।
भिवानी। बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों ने निजीकरण के विरोध में स्थानीय सर्किल कार्यालय भिवानी में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कर्मचारी और अधिकारी बिजली निगम कार्यालय से जुलूस के रूप में उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और उपायुक्त भिवानी को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
धरने में विभिन्न जन संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लेकर आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान वक्ताओं ने 11, 12 और 13 अगस्त को प्रस्तावित राज्यव्यापी हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संकल्प लिया। उन्होंने आमजन से बिजली क्षेत्र के निजीकरण का विरोध करने और सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को बचाने के लिए आंदोलन का समर्थन करने की अपील की।
प्रदर्शन की अध्यक्षता संयुक्त रूप से हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के जोनल प्रधान संजय रंगा, एससी-बीसी-एसटी संगठन के सर्किल सचिव कपूर सिंह, ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर्स यूनियन के सचिव अशोक गोयत और एचईएसबी यूनियन भिवानी के सर्कल सचिव मनोज बल्लू बामला ने की।
हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता एवं एसडीओ नारायण प्रकाश ने बताया कि कार्यक्रम का मंच संचालन संयुक्त रूप से धर्मबीर भाटी, प्रदीप रंगा और राजकुमार जटासरा ने किया। वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि गुरुग्राम और नूंह में किसी भी प्रकार का पैरलल लाइसेंस जारी न किया जाए। इसके अलावा स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को वापस लेने और कृषि क्षेत्र के लिए अलग एग्री डिस्कॉम बनाने के प्रस्ताव को तत्काल रद्द करने की मांग की गई।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि ये सभी कदम बिजली क्षेत्र के निजीकरण की दिशा में उठाए जा रहे हैं, जिनका संयुक्त संघर्ष मोर्चा पुरजोर विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना आम उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के हित में है। इस अवसर पर अधीक्षक अभियंता जितेंद्र, संजय रंगा, कार्यकारी अभियंता संदीप दलाल, उपमंडल अभियंता अंकित, आशीष और रजनीश तिवारी सहित अन्य कर्मचारी एवं अधिकारी मौजूद रहे।