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पूरे दिन गुल रही बिजली, शहर में हाहाकार

Mon, 05 Oct 2015 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/भिवानी
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बापोड़ा से प्रेमनगर तक 220 केवी के लाइन में फाइबर ऑप्टिक केबल डालने के लिए रविवार को हुई साढ़े सात घंटे की कटौती ने शहर में हाहाकार मचा दिया। अलसुबह से दोपहर बाद तक बिजली बंद रहने से जैसे दिनचर्या ही ठहर गई। रविवार की छुट्टी इंज्वाय करने की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
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छुट्टी का आनंद लेना तो दूर लोग घर के रूटीन काम भी नहीं कर पाए। कई क्षेत्रों में पानी को तरस गए। लोगों में इस बात का काफी गुस्सा भी दिखा। चार घंटे तक के वादे पर सात घंटे से अधिक समय तक कटौती से लोग खीझे दिखे।

बिजली निगम अपनी सभी व्यवस्थाओं को ऑनलाइन कर रहा है। इसी के तहत बिजली निगम के स्टेट लोड डिस्टेंस सेंटर (एसएलडीसी) के पानीपत स्थित कंट्रोल रूम को जिले के लोड और सप्लाई की स्पष्ट रिपोर्ट बिना किसी व्यवधान के उपलब्ध कराने के लिए फाइबर ऑप्टिक केबल बिछाए जा रहे हैं।
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रविवार को यह काम 220 केवी सब स्टेशन बापोड़ा से प्रेमनगर सब स्टेशन तक होना था। करीब 20 किमी लंबी लाइन बिछाने के लिए निगम ने 4 घंटे का परमिट लिया था। सुबह आठ बजे ही पूरे शहर समेत हालुवास, जूई, लोहारू, ढिगांवा के क्षेत्रों में आपूर्ति बंद हो गई थी।

निगम अफसरों का दावा था कि 12 बजे तक आपूर्ति बहाल हो जाएगी, मगर बिजली चालू होने में अपराह्न साढ़े तीन बज गए। साढ़े सात घंटे की लगातार कटौती से लोगों के इंवर्टर, बैटरी भी जवाब दे गए। सबसे ज्यादा फजीहत उन लोगों को हुई, जिन्हें पानी भरने के लिए भी बिजली नहीं मिल सका।

 ऐसे लोग पूरे दिन बॉल्टी लेकर यहां-वहां भटकते रहे। सेक्टर-13 में सुबह 6 बजे से ही आपूर्ति ठप हो गई थी। पुराना हाउसिंग बोर्ड, आदर्श नगर, पुराना बस स्टैंड सहित शहर के कई क्षेत्रों में भी सुबह से बिजली बंद रही।

लोगों में नाराजगी, बेकार हुई संडे की छुट्टी
रोजाना दफ्तरों में 9 से 5 तक समय खपाने के बाद लोगों के पास संडे को ही परिवार के साथ बिताने का मौका मिलता है। इसी में लोग अपने लंबित काम भी निपटाते थे। ऐसे में पूरे दिन बिजली कटौती से उनमें नाराजगी रही। पुराना हाउसिंग बोर्ड निवासी ज्ञानेंद्र कुमार का कहना था कि कटौती ने संडे की छुट्टी का ही सत्यानाश कर दिया।

कोई काम नहीं हो पाया। समझ नहीं आता कि आखिर संडे को ही कटौती क्यों करते हैं। निगम अफसरों की मनमानी से उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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ऑनलाइन सिस्टम को चालू करने के लिए यह काम बेहद जरूरी था। इससे उपभोक्ताओं को ही बेहतर बिजली मिलेगी। निर्धारित शेड्यूल से एक घंटे देर से काम आरंभ होने के कारण दोपहर में कटौती का समय बढ़ाना पड़ा। काम को अधूरा भी नहीं छोड़ा जा सकता था। -राजेश्वर धामी, एक्सइएन, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम।
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