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71 में से 61 प्रत्याशी नहीं बचा पाए जमानत

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120 फोटो यूं मायूस लौटे हार के बाद प्रत्याशी....लोहारू से कांग्रेस प्रत्याशी सोमबीर सिंह मतगणना कें? - फोटो : Bhiwani
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प्रमुख दल भाजपा, कांग्रेस और एक-दो जगह जेजेपी को छोड़ अन्य अधिकतर उम्मीदवार जमानत नहीं बचा पाए। 71 मेंसे 61 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई।
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भिवानी विधानसभा क्षेत्र में 19 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। नियम के अनुसार जमानत बचाने के लिए कुल प्राप्त मतों के छठे हिस्से के अनुसार मत प्राप्त करने होते है। भिवानी विधानसभा में कुल 130190 वोट डाले गए थे। जिसके अनुसार 21698 वोट प्रत्याशियों को जमानत बचाने के लिए चाहिए थे। मगर सिर्फ भाजपा और जेजेपी प्रत्याशी ही जमानत बचा पाए। बाकी सभी की जमानत जब्त हुई।
तोशाम में सर्वाधिक 21 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। यहां जमानत बचाने के लिए प्रत्याशी को 24404 वोट चाहिए थे मगर दो ही प्रत्याशी इससे ज्यादा वोट हासिल कर सके। 21 में से सिर्फ दो ही उम्मीदवारों की जमानत बची। बाकी सभी 19 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई।
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लोहारू में 14 में से 11 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई। लोहारू में जमानत बचाने के लिए उम्मीदवारों 23295 वोट चाहिए थे। भाजपा, कांग्रेस और जेजेपी उम्मीदवार ही यह आंकड़ा छू पाए। बवानीखेड़ा में 17 में से 14 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई। भाजपा, कांग्रेस और जेजेपी की जमानत बची। यहां 22721 वोट जमानत बचाने के लिए चाहिए थे जो 14 उम्मीदवार नहीं हासिल कर सके।
नोटा से भी कम वोट में सिमट गए 32 प्रत्याशी : नोटा यानी की चुनावी मैदान में खड़े सभी प्रत्याशियों को नकार देना। ये ईवीएम में प्रावधान है। मगर दिलचस्प बात तो यह है कि भिवानी जिले के चारों विधानसभा चुनावों में 32 प्रत्याशी नोटा में डाले जाने वाले मतों का आंकड़ा भी नहीं छू पाए। भिवानी, लोहारू, तोशाम और बवानीखेड़ा विधानसभा की मतगणना के रूझानों के बाद प्रत्याशियों को मिले मत उजागर हुए तो नोटा पर दबाए गए बटन का आंकड़ा भी ईवीएम में सामने आ गया। मगर नोटा के मतों से भी कम मैदान में उतरे प्रत्याशियों को मिले, जिनसे ज्यादा वोट तो नोटा में डाले गए हैं।
बवानीखेड़ा विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो इस विधानसभा क्षेत्र में 276 मत नोटा पर डाले गए हैं। इसी विधानसभा क्षेत्र में चार प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनके मतों का आंकड़ा नोटा से भी कम रहा है। इनमें प्रत्याशी सुर्य प्रकाश, रतनलाल, सुरज व विनोद कुमार का नाम शामिल है। इसी तरह भिवानी विधानसभा क्षेत्र में भी 765 मतदाता ऐसे हैं जो बूथों तक वोट डालने तो पहुंचे, मगर सभी प्रत्याशियों को उन्होंने नकार डाला और अपना वोट नोटा पर डाल गए। भिवानी विधानसभा के 13 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनके मत नोटा पर डाले गए मतों से भी कम हैं। इनमें प्रत्याशी कुलदीप सिंह, जगत सिंह, जयप्रकाश, नर देव जांगड़ा, पवन कुमार, राजकुमार, राजेंद्र सिंह यादव, सुरेशचंद, जयभगवान, दिनेश उर्फ लाला पहलवान, नरेंद्र कुमार शर्मा, नीरज कुमार, सतीश कुमार के नाम शामिल हैं। लोहारू विधानसभा क्षेत्र में भी नोटा का बटन दबाने में वोटर पीछे नहीं रहे। यहां पर भी 639 मतदाताओं ने किसी भी प्रत्यासी को पसंद नहीं किया और नोटा का बटन दबा आए। मगर लोहारू क्षेत्र में भी आठ प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन्हें नोटा से भी कम वोट मिले हैं। इन प्रत्याशियों में आजाद सिंह, राजेंद्र सिंह, जयकुमार, भरतराम, वेदप्रकाश, सज्जन भारद्वाज, सुभाषचंद, सुरेश कुमार के नाम शामिल हैं। इसी तरह तोशाम विधानसभा क्षेत्र में भी 231 मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया। इन प्रत्याशियों ने मैदान में उतारे गए सभी पार्टियों व निर्दलियों को भी नकार दिया। मगर नोटा पर डाले गए 231 मतों का आंकड़ा भी तोशाम विधानसभा चुनावों के मैदान में उतरे सात प्रत्याशी नहीं छू पाए। नोटा से कम वोट हासिल करने वाले प्रत्याशी राजेश, सुरेंद्र सिंह, सुरेश कुमार, जगबीर सिंह, रजनीश कुमार, राजेंद्र सिंह, राकेश कुमार के नाम शामिल हैं।
1782 वोटों से तक सिमटी लगातार दो बार विधायक देने वाली इनेलो : विधानसभा चुनाव 2019 में सबसे दयनीय स्थिति इनेलो की रही। लोहारू में पिछले दो विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर विधायक बनाने वाली इनेलो को इस बार महज 1782 वोट ही मिले। इनेलो उम्मीदवार अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए।
लोगों का कहना है कि 2014 के विधानसभा चुनावों में 42 हजार से अधिक वोट प्राप्त करने वाली पार्टी महज 1782 पर ही सिमट गई और वोट प्राप्त करने के मामले में एक हजारी पार्टी बन गई।
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बवानीखेड़ा के गांवों में कड़ा रहा प्रत्याशियों में संघर्ष : बवानीखेड़ा हलका के गांवों में कड़ा संघर्ष देखने को मिला। किसी गांव में भाजपा प्रत्याशी ने बाजी मारी तो किसी में कांग्रेस और कुछ जगह जेजेपी प्रत्याशी बाजी मारने में कामयाब रहे। जिसके अनुसार अलखपुरा से 282 वोट भाजपा, 670 कांग्रेस, 433 जेजेपी, जाटूलुहारी में बीजेपी को 2163 वोट, कांग्रेस को 1119, जेजेपी 157 आरजेपी 452, सिकंदरपुर में 545 वोट भाजपा, 440 कांग्रेस, जेजेपी 45, दुर्जनपुर 515 भाजपा, 402 कांग्रेस, 753, बड़सी में 1783 भाजपा, कांग्रेस 1000, जेजेपी, भैणी से 200, कांग्रेस 621, जेजेपी 841, कुंगड़ से 735 बीजेपी, कांग्रेस 1603, जेजेपी 952, सिवाना बीजेपी 72, कांग्रेस 233, जेजेपी 17, खेड़ी दौलतपुर से बीजेपी 113, कांग्रेस 607, जेजेपी 191, जमालपुर 1 एंड 2ठ्ठस्र बीजेपी 1882, कांग्रेस 1814, जेजेपी 253, पपोसा बीजेपी 479, कांग्रेस 679, जेजेपी 605 रोहनात बीजेपी 665, कांग्रेस 987, जेजेपी 321, सीपर में बीजेपी को 280 वोट, कांग्रेस 998, जेजेपी 321, बोहल बीजेपी 107, कांग्रेस 678, जेजेपी 233, पुर बीजेपी 1399, कांग्रेस 1146, जेजेपी 326, रतेरा बीजेपी 939, कांग्रेस 617, जेजेपी 278, आरजेपी 419, धनाना बीजेपी 1165, कांग्रेस 1782, जेजेपी 2297, जताई बीजेपी 482, कांग्रेस 368, जेजेपी 461, बडेसरा बीजेपी 877, कांग्रेस 775, जेजेपी 842, मंडाना बीजेपी 1138, कांग्रेस 718, जेजेपी 597, सुमारा खेड़ा बीजेपी 103, कांग्रेस 267, जेजेपी 152, बलियाली से बीजेपी 2286, कांग्रेस 2607, जेजेपी 622, बवानीखेड़ा बीजेपी 4629, कांग्रेस 3270, जेजेपी 723, रामु पूरा बीजेपी 355, कांग्रेस 218, जेजेपी 30, आरजेपी 277, सुई में बीजेपी 1152, कांग्रेस 544, जेजेपी 176, मुंढाल कला 597, बीजेपी 611कांग्रेस, जेजेपी 109, मुंढाल खुर्द बीजेपी 950, कांग्रेस 1813, जेजेपी 887, सुखपुरा में बीजेपी 74, कांग्रेस 147, जेजेपी 167, तालू में बीजेपी 461, कांग्रेस 1548, जेजेपी 1776, चांग में बीजेपी 2718, कांग्रेस 1987, जेजेपी 358 वोट हासिल किए।
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