भाइयों द्वारा रुपये नहीं लौटाने और जमीन कब्जाने से परेशान एक बुजुर्ग हलवाई ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। हलवाई ने दो पेज का सुसाइड नोट भी अपने घर के दरवाजों पर चस्पा किया है। फिलहाल पुलिस ने सरपंच की शिकायत पर मृतक के चार भाइयों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है। वहीं प्राथमिक जांच में मामला संदिग्ध लग रहा है और मृतक पढ़ा-लिखा नहीं था, ऐसे में सुसाइड नोट कैसे लिखा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गांव राजगढ़ में करीब 64 वर्षीय हलवाई चिमनलाल का शव घर में ही चारपाई पर पाया गया। सूचना पर सरपंच फूल कुमार मौके पर पहुंचे और इसकी सूचना पुलिस को दी। दरवाजे पर दो पेज का सुसाइड नोट चस्पाया हुआ था। शव के पास स्प्रे की शीशी पड़ी थी। सुसाइड नोट में मृतक ने अपने चार भाइयों पर ही आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाते हुए बताया कि मेरी जमीन अपने नाम करा ली और रुपये भी नहीं दिए। शिकायत में बताया कि चिमनलाल की जमीन चारों भाइयों ने अपने नाम करा ली और 20-20 हजार रुपये देने की बात कही। दो भाइयों ने दिए। दो ने नहीं दिए। एक भाई ने दूसरे के भी रुपये देने की हामी भरी मगर नहीं दिए। रुपये मांगने पर मारने और घर से निकालने की धमकी दी।
चालीस साल पहले पत्नी छोड़कर चली गई थी
सरपंच फूल कुमार ने बताया कि मृतक पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर था और जमीन को लेकर उसका भाइयों से विवाद चल रहा था। करीब 64 वर्षीय चिमनलाल को करीब 40 साल पहले उसकी पत्नी छोड़कर चली गई थी। तब से अकेला ही रह रहा है। उसके भाई अलग रहते है। वह हलवाई का काम करता था। अब उम्र ज्यादा होने के कारण कभी कभी ही हलवाई का काम करता है।
मामले में जांच अधिकारी सदर थाना से ओमप्रकाश ने बताया कि सरपंच की शिकायत पर मृतक के चार भाइयों पर केस दर्ज किया है। जांच की जा रही है।
यह है सुसाइड नोट
सुसाइड नोट चिमनलाल ने बताया कि महाकाल ने चारों आदमियों मांगेराम, चित्रपाल, रघवीर, महाबीर के दुख से मर रहा हूं। रघबीर ने महाबीर के 20 हजार रुपये देने थे। वह भी इसके पास से लेकर खा गया। मेरे पैरों में एलर्जी थी, किसी ने कोई इलाज नहीं कराया। मेरे रुपये रघबीर 40 हजार खा गया। पंचायत भी मगर कोई फैसला नहीं किया। मड्डै कई बार रुपये मांगता रहा। भाई मांगेराम ने तो बोला कि इबकी बार पैसे मांगे तो जान से मार दूंगा। जनाब मैने खुद की बैठक बनाई हुई है। इस पर भी कब्जा कर रहा है। तीन बहनों की जमीन है। मेरी जमीन पर दारु पिलाकर धोखे से अपने नाम करा ली है।