हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत हरियाणा प्रदेश न केवल इसे लागू करने वाला पहला प्रदेश बना है, बल्कि उद्यमिता का सिलेबस लागू करने के मामले में भी हरियाणा पहला राज्य बनने जा रहा है। इस योजना के तहत 9वीं से 12वीं की कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को उद्यमिता के सिलेबस के तहत तीन-तीन माह की ट्रेनिंग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग में बैठकों का दौर चल रहा है और देश में सबसे पहले इसे लागू करने का काम हरियाणा राज्य करेगा। इसके लिए सिलेबस बनकर तैयार हो चुका है। यह बात भिवानी के पंचायत भवन में गुरुवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से कही।
शिक्षा मंत्री ने बिजली, पानी, सड़क व अन्य व्यक्तिगत 15 परिवाद सुने, जिनमें से नौ का मौके पर ही निपटारा किया तथा छह परिवादों को अगली बैठक में रखने के निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा के तकनीकी विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षण के बाद 95 से 96 प्रतिशत तक प्लेसमेंट मिलती है, जो बढ़ाकर 100 प्रतिशत तक की जाएगी। देश में महाराष्ट्र व हरियाणा राज्य ही ऐसे हैं, जहां प्लेसमेंट का प्रतिशत 95 प्रतिशत से ऊपर है। वहीं, उन्होंने कहा कि गर्मियों की छुट्टी में शिक्षा विभाग द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि हर स्कूल की छत को साफ किया जाएगा, ताकि आने वाले बरसात के सीजन में सरकारी स्कूलों की छतों पर पानी न ठहरे और उनका रखरखाव बेहतर हो सके।