फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: अवैध शिक्षा अकादमियों को बंद कराने के लिए नोटिस देकर भूला शिक्षा विभाग

Tue, 18 Mar 2025 09:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
विज्ञापन
उपायुक्त महावीर कौ​शिक को ज्ञापन सौंपते प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रामअव
विज्ञापन
भिवानी। अवैध शिक्षा अकादमियों को बंद कराने के लिए शिक्षा विभाग नोटिस देकर भूल गया है। भिवानी जिले में करीब 80 से अधिक अवैध शिक्षा अकादमियां धड़ल्ले से चल रही हैं, जिन्हें न तो बंद कराया गया है न ही उन पर अब तक कोई कार्रवाई हुई है।
विज्ञापन

यही वजह है कि बच्चों के भविष्य को लेकर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन को ही आखिर सामने आना पड़ा है। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को 20 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया है, जिसके बाद लघु सचिवालय के बाहर डेरा डाल आंदोलन का मोर्चा खोला जाएगा।
बता दें कि जिले भर में एक भी शिक्षा अकादमी को पंजीकृत नहीं किया गया है। हालत यह है कि खुद अधिकारियों को यह तक मालूम नहीं है कि आखिर इन शिक्षा अकादमियों को कौन मान्यता देगा और कौन इनका निरीक्षण कर व्यवस्था बनाने का जिम्मा संभालेगा।
विज्ञापन

हरियाणा स्कूल शिक्षा नियमावली के तहत कक्षा पहली से 12वीं तक की स्कूली शिक्षा के लिए शिक्षा विभाग निजी स्कूलों को स्थायी मान्यता जारी करता है। इसके अलावा कोई भी संस्था इन कक्षाओं की पढ़ाई नहीं करा सकता है। लेकिन उलट इसके जिले भर में चल रही अवैध शिक्षा अकादमियां न केवल पंपलेट के सहारे दाखिला प्रचार में जुटी हैं, बल्कि उन्हें स्कूली पढ़ाई के बाद भी भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, आईपीएस और आईएएस बनाने तक के सपने दिखाने से नहीं चूक रहे हैं।
भिवानी जिले में करीब साढ़े पांच सौ से अधिक मान्यता प्राप्त निजी स्कूल चल रहे हैं, जिनके अंदर करीब दो लाख 75 हजार बच्चे स्कूली शिक्षा पा रहे हैं। जिले भर में चल रही अवैध शिक्षा अकादमियां दाखिला के समय काफी सक्रिय हो गई हैं, जिन्हें अकादमी में दाखिला के लिए स्कूलों से बच्चों को खिंचने के लिए लोक लुभावने वायदे अभिभावकों से कर रहे हैं।
उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा का न केवल भरोसा दिलाया जा रहा है बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की साथ ही साथ तैयारियों का भी झांसा दिया जा रहा है। हालांकि स्कूली शिक्षा के दौरान बच्चा पहले से ही पढ़ाई व किताबों के बोझ तले दबा रहता है। ऐसे में अभिभावक भी बच्चे पर अपनी इच्छाओं का अनावश्यक बोझ लाद अकादमी का रास्ता दिखा रहे हैं।
हरियाणा सरकार ने शिक्षा अकादमियों के लिए अब अलग से मान्यता का प्रारुप तैयार किया है, लेकिन अभी तक अधिकारी ही यह सुनिश्चित नहीं कर पाए हैं कि आखिर कार्रवाई किन पर करनी है और किन्हें मान्यता दिलानी है। हालांकि कुछ शिक्षा अकादमियां तो बाहर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बोर्ड भी लगाकर इसकी आड़ में स्कूली शिक्षा के नाम पर अपना धंधा चला रही हैं।
घरों में चल रहे प्ले स्कूलों पर भी शिकंजा कसेगा

प्ले स्कूलों के नाम पर घरों के अंदर छोटे बच्चों की शैक्षणिक गतिविधि कराई जा रही है। इन पर भी प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने शिकंजा कसने की मांग की है। वहीं उपायुक्त से अवैध रूप से चल रहे प्ले स्कूलों को भी बंद कराने का अनुरोध किया है। जिनके पास प्ले स्कूल चलाने के मानक व मान्यता नहीं है, उन पर कार्रवाई का आश्वासन मिला है।
जिले भर में चल रही शिक्षा अकादमियों को लेकर अभी तक विभाग की तरफ से कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। हालांकि इस मामले को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से कमेटी का गठन किया जाएगा। ये कमेटी ही इनके निरीक्षण के उपरांत इनके संचालन संबंधी मामलों में कार्रवाई करेगी।
-सुभाष चंद्र भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।
अवैध कोचिंग अकादमियों को बंद कराने को लेकर प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल उपायुक्त से मिला। एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने बताया कि उपायुक्त से हुई बैठक से संतुष्ट हैं। उपायुक्त ने सभी अवैध अकादमियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके बाद एसोसिएशन ने 21 मार्च को होने वाले धरने प्रदर्शन को स्थगित कर दिया है। अकादमियों की तरफ से शहर की सुंदरता को ग्रहण लगाने के लिए अवैध फ्लेक्स बोर्ड लगाए गए हैं। इन पर भी कार्रवाई कराई जाए।
विज्ञापन


-रामअवतार शर्मा प्रदेश, अध्यक्ष हरियाणा, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें