भिवानी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम वीरवार को दूसरे दिन भी सर्च वारंट के साथ कांग्रेस नेता मास्टर सतबीर रतेरा के आवास पर डटी रही। करीब 34 घंटों की जांच के बाद टीम वापस लौटी। इस दौरान टीम मास्टर सतबीर रतेरा और उसकी पत्नी का मोबाइल फोन भी जब्त कर साथ ले गई। इसके अलावा प्रॉपर्टी और बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई।
टीम ने इस प्रक्रिया के दौरान रतेरा के परिवार को नजरबंद किए रखा। ईडी की टीम लौटने के बाद अपने आवास पर मास्टर सतबीर रतेरा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह कांग्रेसी है और रहेंगे, वे ईडी की कार्रवाई से दबाव में नहीं आएंगे और न डरेंगे, क्योंकि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है। उन्होंने चुनाव से पहले भाजपा पर ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया। वहीं तोशाम में पेट्रोल पंप संचालक और खनन कारोबारियों से जुड़े विनोद के आवास से ईडी की टीम बुधवार देर रात दो बजे चली गई और कुछ दस्तावेजों के साथ ले गई।
ईडी की टीम ने बुधवार सुबह छह बजे सेक्टर 13 स्थित मास्टर सतबीर रतेरा के आवास पर छापा मारा था। मास्टर सतबीर रतेरा की पत्नी के नाम से खनन का कारोबार और कंपनी है। ईडी ने कंपनी के खिलाफ अनियमितता मिलने पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया हुआ है। टीम वीरवार शाम करीब चार बजे मास्टर सतबीर रतेरा आवास से लौटी। टीम सर्च वारंट के साथ आई थी।
टीम ने परिवार सदस्यों को नजरबंद कर पूरा घर खंगाला और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान रतेरा और उसकी पत्नी के बैंक खातों व अन्य जगहों पर प्रॉपर्टी का विवरण भी ईडी ने दर्ज किया। इस दौरान सतबीर रतेरा और उसकी पत्नी के मोबाइल फोन भी ईडी के अधिकारियों ने जब्त कर लिए और अपने साथ ले गई। इसी तरह ईडी की एक टीम ने तोशाम में खनन क्षेत्र में पेट्रोल पंप संचालक विनोद के यहां पर भी बुधवार देर रात दो बजे तक जांच की। उनके घर से भी ईडी कुछ दस्तावेज लेकर गई है। इस पूरे प्रकरण पर मास्टर सतबीर रतेरा ने अपने आवास पर वीरवार को पत्रकारों से मुखातिब होकर इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया।
मेरा किसी खनन कारोबारी से कोई लेना देना नहीं : रतेरा
कांग्रेस सतबीर मास्टर सतबीर रतेरा ने कहा कि मेरा किसी खनन कारोबारी से कोई लेना देना नहीं। मेरा खनन से कोई संबंध नहीं। न ही खनन ठेकेदारों से कोई लेना देना नहीं। पिछले साल जब मैंने कांग्रेस ज्वाइन की तो एक महीने बाद ही मुझे नोटिस दिया गया।
उन्होंने कहा कि हर राज्य में चुनाव के समय ईडी विपक्ष के नेताओं पर दबाव बनाती है। कर्नाटक में भी ऐसा हुआ और अब हरियाणा में हो रहा है। यह भाजपा का विपक्ष को दबाने व तोड़ने का षड्यंत्र है। ईडी की टीम किसी भी भाजपा नेता के घर नहीं जाती। ईडी को मेरे घर कोई नकदी या जेवर नहीं मिले। ईडी मेरा व मेरी पत्नी का मोबाइल, प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री व बैंक खातों की कॉपियों की डिटेल लेकर गई है। दो दिन तक ईडी ने हमें नजरबंद बनाए रखा।
उन्होंने कहा कि ये छापामारी में पत्नी रबिता से पूछताछ के लिए हुई थी। जो गोवर्धन माइनस में पार्टनर है। इस फर्म का सैकड़ों करोड़ रुपये का टर्न ओवर है। मेरी पत्नी या मुझ पर कोई केस नहीं। गोवर्धन माइनस के खिलाफ केस जरूर है, जिसमें मेरी पत्नी पार्टनर है। मेरे बुढ़े मां-बाप को भी डराया गया कि भाजपा ये कर देगी, वो कर देगी।