भिवानी। प्रदेश भर में पिछले तीन माह में कार्रवाई के डर से 3,90,833 बीपीएल राशन कार्ड घट गए। जिसके बाद प्रदेश भर में अब बीपीएल परिवारों का आंकड़ा 48,05,547 रह गया है। परिवार पहचान पत्र में लोगों की वार्षिक आय सत्यापित होने के साथ ही बीपीएल कार्डों का आंकड़ा लगातार घट रहा है। तीन माह में सबसे ज्यादा बीपीएल राशन कार्ड सिरसा जिले में कम हुए है। वहीं पंचकूला जिले में सबसे कम बीपीएल राशन कार्ड कम हुए है। राशन कार्ड कम होने से जुलाई माह में लगभग चार लाख कम लोगों को राशन बांटा जाएगा।
दरअसल, प्रदेश सरकार ने मार्च माह में परिवार पहचान पत्र में गलत तरीके से आय 1.80 से कम करवाकर बीपीएल राशन कार्ड बनवाने वाले लोगों को स्वयं सरेंडर करने के लिए 20 अप्रैल तक का समय दिया था। सरकार ने चेतावनी दी थी कि जांच में अपात्र पाए जाने पर लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद गलत तरीके से परिवार पहचान पत्र में आय कम करवाकर बीपीएल राशन कार्ड का लाभ लेने वालों की संख्या में लगातार कमी आई है।
आदेशों बाद लगातार हर माह बीपीएल कार्ड कम हुए है। मार्च माह में प्रदेश में 51,96,380 बीपीएल कार्ड थे। जो कि अब घटकर 48,05,547 रह गए है। प्रदेश भर में सबसे ज्यादा सिरसा जिले में 29652 तो सबसे कम पंचकूला जिले में 9578 बीपीएल राशन कार्ड कम हुए है। संवाद
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जिला 30 मार्च तक राशन कार्डों की संख्या 1 जुलाई तक राशन कार्डों की संख्या घटे
अंबाला 224637 204220 20417
भिवानी 249344 234221 15123
चरखी दादरी 98008 89915 8093
फरीदाबाद 371923 349871 22052
फतेहाबाद 210985 191432 19553
गुरुग्राम 206760 180201 26559
हिसार 362204 341338 20866
झज्जर 177568 163042 14526
जींद 271951 258727 18696
कैथल 233402 214706 18696
करनाल 319994 301682 18312
कुरूक्षेत्र 203980 185779 18201
महेंद्रगढ़ 184348 170261 14087
मेवात 262807 245829 16978
पलवल 242692 226984 15708
पंचकूला 94807 85229 9578
पानीपत 268866 254683 14183
रेवाड़ी 171817 156494 15323
रोहतक 197494 182875 14619
सिरसा 290474 260822 29652
सोनीपत 279001 255966 23035
यमुनानगर 273318 251270 22048
कुल 5196380 4805547 390833
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परिवार पहचान पत्र के आधार पर बीपीएल कार्ड बनाए जाते है। लोगों ने गलत तरीके से आय कम दिखाकर बीपीएल कार्ड बनवाए हुए थे। ऐसे लोगों को सरकार द्वारा सख्त चेतावनी दी गई थी कि यदि कोई अपात्र बीपीएल कार्ड का लाभ लेते हुए मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद लोगों ने सरेंडर करते हुए तीन माह में चार लाख के लगभग बीपीएल कार्ड कटवाए है।
- हेमंत सैनी, जोनल मेनेजर, पीपीपी।