कैरू। गांव देवराला में 15 साल से अधिक समय से सोसाइटी पैक्स बंद पड़ी है। इसके कारण यूरिया खाद लेने के लिए किसानों को समस्या झेलनी पड़ रही है। इसके कारण किसानों को खाद के लिए कैरू या लेघां जाना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को सर्दी के समय यूरिया खाद लाने के लिए करनी पड़ रही है।
दरअसल, गांव देवराला में बनी सोसाइटी पैक्स की देखरेख न होने के कारण सोसाइटी के भवन झाड़ियों में तब्दील हो चुके हैं। इस सोसाइटी के अंतर्गत इंदीवाली, बिजलानाबास, लाडियावाली, धारवानबास, खापड़बास गांव आते हैं। सोसाइटी बंद होने के कारण मजबूरी वश इन गांवों के किसानों को निजी दुकानों से महंगी यूरिया खरीदनी पड़ रही है।
एक सोसाइटी के भरोसे कई गांव होने के कारण खाद लेने के लिए किसानों को भारी मशक्कत करनी पड़ती है। वहीं काफी बार तो खाद के लिए लगने वाली लंबी-लंबी लाइनों के कारण किसानों को बिना खाद के ही वापिस जाना पड़ता है। इस सीजन में भी सरसों व गेंहू की फसल के लिए किसानों को पर्याप्त यूरिया नहीं मिल रही है।
इससे उनको दूर दराज से खाद लानी पड़ रही है। बिना देखरेख के सोसाइटी बिल्डिंग खंडहर होती जा रही है। किसानों व ग्रामीणों की मांग है कि बंद पड़ी सोसाइटी पैक्स को खोला जाए। इससे उन्हें खाद के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं फसलों के लिए खाद भी समय पर उपलब्ध हो सके।
किसानों को इस समय यूरिया खाद के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि सरकार सोसाइटी पैक्स खोल दे तो किसानों को खाद के लिए दूसरे गांव में नहीं जाना पड़ेगा। वहीं उनको समय पर भी खाद उपलब्ध हो सकेगा। - भरत सिंह, किसान।
बिना देखरेख के सोसाइटी की बिल्डिंग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। लेकिन सरकार सोसाइटी की ओर ध्यान नहीं दे रही है। बिल्डिंग कंडम होने के साथ-साथ किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - सज्जन लखेरा, किसान।