बवानीखेड़ा के गांव बलियाली में पकड़ी गई नकली खाद को ट्रैक्टर-ट्राली में लोड करवाते अधिकारी।
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नामी कंपनी के कट्टों में निम्नस्तर की खाद डालकर किसानों को चूना लगा मोटी कमाई की जा रही थी। महज 150 से 200 रुपये वाली खाद के कट्टे नामी कंपनी के कट्टों में डालकर 1300 रुपये तक में बेचा जा रहा था। कृषि विभाग और बवानीखेड़ा थाना पुलिस लगातार दूसरे दिन रात तक इसकी जांच में जुटी रही। करीब 180 कट्टे ऐसे बरामद किए हैं, जहां नामी कंपनियों के कट्टों में निम्रस्तरीय खाद डाली जा चुकी थी। इसके अलावा 119 निम्रस्तरीय खाद के भरे कट्टे बरामद हुए हैं और 114 नामी कंपनी के खाली कट्टे बरामद किए हैं। रात तक कट्टों को ट्रैक्टर में लदवा खंड कृषि विभाग कार्यालय बवानीखेड़ा में भेजा जा रहा था। जहां इन्हें सील कर केस दर्ज किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि गांव बलियाली में भिवानी के कृषि विभाग की टीम ने छापा मारकर एक व्यक्ति के गोदाम से 300 से अधिक कट्टे डीएपी की नकली खाद की पैंकिग को अपने कब्जे में ले लिया। टीम को सूचना प्राप्त हुई थी कि कि गांव के एक व्यक्ति द्वारा गांव से बाहर एक मकान को किराये पर लेकर उसमें नकली खाद बनाने का काम शुरू किया हुआ है। विभाग के आलाधिकारियों को इसकी भनक लगने पर टीम गठित की गई। टीम में कृषि विभाग से क्वालिटी कंट्रोलर सुरेन्द्र कुमार ने अपनी टीम व पुलिस टीम सहित पहुंचकर मौके पर छापेमारी की और लगभग 300 कट्टे नकली खाद से भरे थे। जिसमें बाहरी कट्टे कंपनी के लगाए हुए थे व 300 के करीबन कट्टे खुले में नकली खाद के मौजूद थे। कृषि विभाग के क्वालिटी कंट्रोलर सुरेंद्र कुमार ने बताया कि किसी ने गुप्त सूचना मुख्यालय में दी। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। नामी कंपनी के कट्टों में निम्रस्तरीय खाद भरी हुई थी। प्राकृतिक डीएपी के कट्टे की कीमत बाजार में करीबन 200 रुपये होती है और उतम कंपनी के डीएपी का रेट करीब 1300-1400 रुपये प्रति कट्टा है। कृषि विभाग से क्वालिटी कंट्रोलर सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि इसकी शिकायत बवानीखेड़ा पुलिस में देने पहुंचे हैं। वहीं थाना प्रभारी विक्रम जोनसन ने बताया कि नकली खाद बनाकर सप्लाई करने वाले के खिलाफ विभाग के अधिकारी ने शिकायत की है। अभी काउंटिंग की जा रही है और दो सैंपल हमें दिए हैं, जिनकी जांच करवाई जाएगी। लिखित शिकायत मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा।