अब घर में कुत्ता पालने से पहले इसकी नगर परिषद से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए शुल्क जमाकर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इस संबंध में नगर पार्षदों ने प्रस्ताव पर एकमत होकर मंजूरी की मोहर लगा दी है। प्रस्ताव को अब शहरी निकाय निदेशालय भेजने के बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
बताते चले कि भिवानी शहर में इस वक्त 10 हजार से अधिक पालतू कुत्ते हैं। लेकिन नगर परिषद के रिकार्ड में एक का भी रजिस्ट्रेशन नहीं है। शहर में लावारिस कुत्तों की तादाद भी लगातार बढ़ रही है। लावारिस कुत्तों का आंकड़ा करीब 30 हजार छू गया है। इनकी आबादी पर काबू पाने की कोशिश भी नगर परिषद शुरू करने जा रहा है। नसबंदी के जरिए बेसहारा कुत्तों की संख्या पर ब्रेक लगाया जाएगा। जिला सामान्य अस्पताल में हर माह 300 से अधिक एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने लोग पहुंच रहे हैं। इनमें कुत्ते काटे और बंदर काटे के ही होते हैं।
हरियाणा शहरी निकाय विभाग के म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट 1994 में डॉग रजिस्ट्रेशन का प्रावधान किया हुआ है। महानगरीय शहरों की नगर निगमों में तो ये कानून अब भी सख्ती से लागू हैं। जहां कुत्ता पालने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। जबकि कुत्ता पालने पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराए जाने पर पांच हजार रुपये तक जुर्माने का भी प्रावधान है। रजिस्ट्रेशन फीस भी अलग-अलग महानगरों में अलग-अलग निर्धारित है। लेकिन इस नियम पर अभी तक नगर परिषदों व नगर पालिकाओं में काम नहीं हो रहा। भिवानी नगर परिषद के सभी पार्षद अब पालतू कुत्तों पर भी मुखर हुए हैं। इसके बाद पार्षदों सदन से प्रस्ताव पास कर दिया, जिसे अब शहरी निकाय विभाग निदेशालय भेजने की तैयारी है। निदेशालय से मंजूरी मिलने के बाद ही भिवानी में भी कुत्तों के रजिस्ट्रेशन की फीस और जुर्माना राशि का निर्धारण किया जाएगा।
पालतू कुत्तों से हो रहा सामाजिक माहौल खराब
पार्षद बलवान सिंह व पार्षद प्रतिनिधि सुभाष ने बताया कि बेसहारा कुत्तों से तो पूरा शहर परेशान है। साथ ही पालतू कुत्तों की वजह से भी सामाजिक सौहार्द बिगड़ रहा है। पालतू कुत्तों को लोग गंदगी फैलाने के लिए बाहर घुमाते हैं। किसी पड़ोसी द्वारा एतराज जताए जाने पर नौबत झगड़े तक आ रही है। इस तरह के कई मामलों में तो मुकदमे तक दर्ज हुई हैं। लेकिन नगर परिषद शहर को साफ सुथरा और सुंदर बनाने की दिशा में कदम उठाने जा रहा है। इसके लिए कुत्ता पालने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाएगा। नियम तोड़ने वालों पर मोटा जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसका प्रावधान भी पार्षद प्रस्ताव पास कर करने जा रहे हैं।
शहरी दायरे में 31 वार्ड आते हैं, सभी में बेसहारा कुत्तों की समस्या है। लेकिन इसी के साथ पालतू कुत्तों के रजिस्ट्रेशन का मुद्दा भी नप सदन की बैठक में इस बार उठा है। इसको लेकर सभी पार्षद एकमत हैं, इसलिए डॉग रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से लागू कराने के लिए पार्षदों की तरफ से प्रस्ताव सरकार और निदेशालय के समक्ष भेजा जाएगा। इसी के बाद आगामी कदम उठाए जाएंगे।
- मामनचंद कार्यवाहक चेयरमैन एवं उपाध्यक्ष नगर परिषद भिवानी।
म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट 1994 में डॉग रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। लेकिन अभी तक नगर परिषद में ये नियम सख्ती से लागू नहीं हुआ है। अगर शहर के पार्षदों की तरफ से इस तरह का कोई प्रस्ताव आता है तो उसे निदेशालय के समक्ष भेजकर इस संबंध में भी अनिवार्य रूप से कुत्तों का रजिस्ट्रेशन कराने व नियम तोड़ने पर जुर्माना राशि का निर्धारण किया जाएगा।
- दीपक गोयल, ईओ, नगर परिषद भिवानी।