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फर्जी डॉक्टर मामला : मरीज के गुर्दे खराब बता इलाज के बहाने ऐंठे 32 हजार

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पीजीआई रोहतक में मरीजों से इलाज के नाम पर रुपये ऐंठने के मामले में भिवानी का फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार हुआ तो अब उसके फर्जीवाड़े के पुराने मामले भी सामने आने लगे हैं। एक महिला मरीज के गुर्दों में ज्यादा इंफेक्शन बताकर उसके परिजनों से भी 32 हजार रुपये ऐंठे गए। इसके अलावा नर्सिंग का कोर्स करने वाली महिला को नौकरी लगवाने के नाम पर आठ हजार रुपये ऐंठे। इनकी शिकायत तोशाम थाना पुलिस को दी गई मगर पुलिस ने ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाई और कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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उल्लेखनीय है कि पीजीआई के अधिकारियों ने एक फर्जी डॉक्टर को पीजीआई परिसर से गिरफ्तार किया है, जो मरीजों से इलाज के नाम पर रुपये ऐंठता था। आरोपी पवन कुमार भिवानी के जताई गांव का रहने वाला है। पीजीआई थाना पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर जांच कर रही है।
फर्जी डॉक्टर के फर्जीवाड़े से परेशान लोग अब सामने आने लगे हैं। तोशाम क्षेत्र के गांव आलमपुर वासी सोमबीर ने बताया कि उसके और उसके एक रिश्तेदार के साथ दो साल पहले उक्त फर्जी डॉक्टर ने धोखाधड़ी की थी। उससे उसकी पत्नी मीना देवी के इलाज के लिए 32 हजार और उसके रिश्तेदार से नौकरी के नाम पर आठ हजार रुपये ठगे गए। सोमबीर ने बताया कि उसकी पत्नी मीना की तबीयत खराब रहती थी। उसका वजन बहुत कम था और काफी इलाज कराया। दिसंबर 2017 में नया बास गांव से उसके रिश्तेदार का फोन आया। उसने बताया कि उनके यहां पीजीआई से कोई बड़ा चिकित्सक आया हुआ है। उनकी गाड़ी यहां खराब हो गई तो यहां रुके हैं। जिसके बाद वह पत्नी को लेकर वहां पहुंचा। जहां पवन कुमार ही था। उसकी पत्नी की जांच की और कहा कि इनके गुर्दों में ज्यादा इंफेक्शन है। बाकी जानकारी पीजीआई आने पर देंगे और उन्हें पीजीआई बुलाया। वे पीजीआई गए तो उक्त चिकित्सक उन्हें इमरजेंसी लेकर गया। रास्ते में पुलिस और सिक्योरिटी गार्ड थे मगर किसी ने नहीं रोका। जिससे उन्हें लगा कि वास्तव में ही यह पीजीआई में बड़ा डॉक्टर है। जांच के बाद उन्होंने कहा कि एक इंजेक्शन लगाना होगा, जिसकी कीमत 34 हजार रुपये है। साथ ही बताया कि अगले सप्ताह उसे फिर से तोशाम क्षेत्र में एक मेडिकल कैंप के लिए जाना है। पीजीआई में फोन मिलते नहीं, इस कारण वे किसी से सलाह नहीं कर पाये। पत्नी की तबीयत को देखते हुए वहीं चिकित्सक को 34 हजार रुपये दे दिए। बाद में चिकित्सक ने दो हजार रुपये वापस भी कर दिये और छूट देने की बात कही। वे ज्यादा इंफेक्शन की बात सुनकर घबरा गए। तोशाम आने के बाद यहां एक प्राइवेट अस्पताल में जांच कराई। जहां गुर्दे की सारी रिपोर्ट सही मिली। जिसके बाद उन्हें अहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हो गया है। 22 दिसंबर 2017 को इसकी शिकायत थाने में की गई।
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पुलिस को दी शिकायत, इसके बावजूद निकल गया फर्जी डॉक्टर : सोमबीर ने बताया कि धोखाधड़ी का पता लगने के बाद उसने पुलिस को सूचना दी। कहे अनुसार डॉक्टर बाद में तोशाम भी आया मगर पुलिस से मदद नहीं मिली। हमने कदम इसलिए नहीं उठाया कि हमें डर था कि अगर सहीं में डॉक्टर हुआ तो उनके गले आफत पड़ जाएगी। ऐेसे में तोशाम आने के बावजूद फर्जी डॉक्टर वहां से निकल गया।
40 हजार मांगे और आठ हजार ले गया : सोमबीर सिंह ने बताया कि नया बास वासी उसके रिश्तेदार के यहां एक लड़की को पीजीआई में नर्स लगाने के नाम 40 हजार मांगे। उस समय उसे आठ हजार ही दिये। उस समय उसने कहा था कि ये नौकरी के लिए नहीं बल्कि उच्च अधिकारियों की सेवा-पानी के लिए है।
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पीजीआई में धोखाधड़ी मामले में पकड़े गए युवक ने एंबुलेंस के लिए अनुमति ली है या नहीं यह जांच के बाद ही साफ होगा। इसकी जांच करवाई जाएगी।
- मनोज कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त
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