बिधनोई आश्रम में बच्चों को योग प्राणायाम करवाते बाल योगी।
कैरू। छोटूराम से योगी बने दीवाली नाथ ने नशा मुक्ति का अभियान छेड़ रखा है। वे योग, प्राणायम और जागरूकता अभियान के माध्यम से युवाओं का नशा के प्रति मोहभंग कराने में जुटे हुए हैं।
भिवानी जिले के बहल क्षेत्र के गांव बिधनोई स्थित गोसाईं धाम में महंत दीवाली नाथ बच्चों को सुबह शाम योग, प्राणायाम सिखाते हैं और नशे के खिलाफ लड़ने के लिए युवाओं को जागरूक करते हैं। नशा मुक्त समाज के निर्माण का लक्ष्य लेकर आगे बढ़े दीवाली नाथ का मानना है कि जब युवा नशे को त्याग देगें तो नशे के सौदागरों पर स्वत: लगाम लग जाएगी। हर कार्यक्रम में उनका एक ही संदेश होता है कि नशा मुक्त हो देश हमारा, बना रहे भाईचारा।
भिवानी जिले के कैरू खंड के गांव हेमतपुरा के निवासी 25 वर्षीय छोटू राम पिछले दस साल से नशा मुक्त परोपकारी सभा से जुड़कर स्कूलों में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहे हैं। कुछ साल पहले वे ढिगावा मंडी क्षेत्र के बडदू चैना गांव में डेरे में गए थे। वहां पर महंत केदारनाथ महाराज से मिले और वहां पर शिष्य के रूप में सेवा करने लगे। केदारनाथ महाराज के आशीर्वाद से वह नाथ संप्रदाय से जुड़ गए और बाल योगी दीवाली नाथ बन गए।
बता दें कि हेतमपुरा निवासी पिता पप्पू सिंह व माता मीना देवी के घर में 2000 में चौथी संतान पुत्र के रूप में छोटू राम का जन्म हुआ। माता-पिता उनको आशीर्वाद दिलाने के लिए नथूनाथ गोलपूरा की समाधि पर ले गए थे। उसी समय उनके जी में ख्याल आया कि पुत्र को साधु संत बनाया जाए। माता-पिता का सपना साकार करते हुए छोटू राम ने 12वीं तक की स्कूली शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल में प्राप्त की और नाथ संप्रदाय से जुड़ गए। वे स्वयं भी योग करते थे और गांव के बच्चों को भी योग सिखाते हैं।
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