जिला सामान्य अस्पताल में ऑपरेशन में लापरवाही के आरोप लगाती बुजुर्ग महिला व उसके परिजन। संवाद
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भिवानी। जिला सामान्य अस्पताल में चिकित्सक पर बुजुर्ग महिला के परिजनों ने ऑपरेशन में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने फ्रैक्चर वाले पैर की जगह सही पैर का ऑपरेशन कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस संबंध में जांच कमेटी का गठन किया है। वहीं चिकित्सक का कहना है कि परिजनों के आरोप गलत हैं। बुजुर्ग महिला के दोनों पैर में फ्रैक्चर था और दोनों का ही ऑपरेशन किया गया है।
गांव रानिला निवासी सुखबीर ने बताया कि उसकी 78 वर्षीय मां भतेरी देवी की करीब 10 दिन पहले चारपाई से गिरने के कारण दाएं पैर के कुल्हे की हड्डी में फ्रैक्चर आ गया था। वेे उन्हें उपचार के लिए जिला सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सक ने तीन फरवरी को उसकी माता भतेरी देवी का ऑपरेशन किया। सात फरवरी को उसे छुट्टी देकर घर भेज दिया। जब उसकी पत्नी मां के कपड़े बदलने लगी तो उसने देखा कि उसकी मां का दायां पैर नीला पड़ा हुआ था और पैर की टूटी हुई हड्डी साफ दिख रही थी। साथ ही पैर में सूजन भी था। उन्होंने देखा कि चिकित्सक ने लापरवाही से दाएं पैर की जगह बाएं का ऑपरेशन कर दिया है। परिजन अपने शक को दूर करने के लिए जिला सामान्य अस्पताल के सामने स्थित प्राइवेट लैब में एक्स-रे करवाने के लिए गए तो वहां भी इसकी पुष्टि हुई। आठ फरवरी को वो अपनी माता को चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे तो उन्होंने अपनी गलती मानते हुए जिस पैर में फ्रैक्चर हुआ था, उसका ऑपरेशन कर दिया। सुखबीर का आरोप है कि ऑपरेशन के लिए सामान भी बाहर से मंगवाया गया। परिजनों का आरोप है कि सोमवार दोपहर करीब दो बजे उसकी मां के दूसरे पैर का ऑपरेशन किया गया है। इसके लिए चिकित्सक ने अभी तक कोई रुपये नहीं लिए हैं। साथ ही ऑपरेशन के बाद उसे प्राइवेट वार्ड में दाखिल किया है। उन्हें मिलने से भी मना कर रहे हैं।
चिकित्सक की दलील, दोनों पैर में थे फ्रैक्चर
चिकित्सक ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि बुजुर्ग महिला के परिजनों को किसी ने बहका दिया है। महिला के दोनों पैर में फ्रैक्चर था। पहले एक और अब दूसरे पैर का ऑपरेशन किया गया है। कोई भी आकर महिला की रिपोर्ट देख सकता है।
वर्जन-
मामला संज्ञान में आने के बाद इस संबंध में तुरंत प्रभाव से अस्पताल के अधिकारियों से बातचीत की गई है। जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। कमेटी इस मामले में जांच के दौरान चिकित्सक और मरीज के परिजनों से बातचीत करेगी। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सक ने भी अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा है।
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन