शहर की सरकार पूरी होने के बाद अब विकास कार्य गति पकड़ते नजर आ रहे हैं। पिछले करीब एक साल से अटके विकासपरक प्रोजेक्टों का रास्ता अब साफ होने की संभावना है। शहर के सभी वार्डों की कायाकल्प के लिए नगर परिषद 20-20 लाख रुपये का बजट पार्षदों को देने की तैयारी में है। इस राशि के उपयोग तक का खाका नप अधिकारियों ने तैयार कर लिया है। आगामी एक-दो दिन में इस्टीमेट प्रक्रिया पूरी कर अंतिम चरण की सहमति के लिए जिला उपायुक्त के पास भेजी जाएगी। इसके तुंरत बाद विकास कार्यों के लिए टेंडर कॉल की जाएगी। इस बजट राशि में से ज्यादातर खस्ताहाल में पड़ी वार्डों की गलियों की तस्वीर बदलने पर खर्च की जाएगी।
बीते एक साल से रुके पड़े विकास कार्यों के चलते वार्डों में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। कोई वार्डवासी क्षतिग्रस्त गलियों का तो कोई दूषित पानी की निकासी का प्रबंध न होने की शिकायत लेकर अपने-अपने वार्ड के मुखिया के पास पहुंच रहा है। इन्हीं सब समस्याओं पर मंथन कर नगर परिषद ने सभी 21 वार्डों के पार्षदों को बजट राशि जारी करने का निर्णय लिया है। जिला उपायुक्त की मंजूरी मिलते ही पार्षदों को विकास कार्य करवाने के लिए बजट राशि जारी कर दी जाएगी।
सवा चार करोड़ के होंगे विकास कार्य
शहर में इस बार वार्डों की संख्या भी बढ़ाकर 19 से 21 कर दी गई हैं। इस लिहाज से चार करोड़ बीस लाख रुपये की धनराशि वार्ड पार्षदों को आवंटित की जाएगी। जबकि सूत्रों की माने तो नप के खजाने में इस समय करीब ढाई करोड़ रुपये ही है। ऐसे में पौने दो करोड़ रुपये की इन विकास कार्यों के लिए और जरूरत पड़ेगी। गत दिनों हुई नप बैठक में पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं अधिकारियों, चेयरमैन संजय छपारिया व वाइस चेयरमैन दीपक उर्फ बब्लू श्योराण के सामने रखी थी। इस दौरान पार्षदों ने जहां प्रत्येक वार्ड में कूड़े के उठान के लिए रेहड़ियां लगाने की तो वहीं फ्यूज व कंडम हाल में पड़ी स्ट्रीट लाइटों की जगह एलईडी लाइटें लगाने की भी डिमांड रखी थी।