फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: डूब गया विकास, सड़कें और फिरनी के रास्ते बहे

Fri, 12 Sep 2025 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
विज्ञापन
गांव दांग खुर्द के जलघर के मुख्य द्वार पर भरा बारिश का पानी। संवाद
विज्ञापन
भिवानी। जलभराव से भिवानी जिले के कई गांवों में लाखों के विकास कार्य पानी में बह गए। सार्वजनिक स्थल जलमग्न हैं। इनकी चाहरदीवारी और भवनों में दरारें आने लगी हैं। इनके सुधारीकरण और कई अधूरे भवनों को पूरा कराने में काफी बजट खर्च करना पड़ेगा। गांवों की फिरनी के रास्ते और पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) की सड़कें भी टूटकर बिखर चुकी हैं। ग्राम पंचायतों के पास अब फंड को लेकर हालत ये है कि बरसाती पानी की निकासी कराने के लिए भी पंप संचालन को डीजल तक के पैसे नहीं हैं। ऐसे में कई ग्राम पंचायतों ने तो पानी निकासी के प्रबंधाें में बजट नहीं होने पर हाथ खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन

तोशाम क्षेत्र के गांव बीरण, दांग कलां, दांग खुर्द, सागवान के अलावा बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव बलियाली, रामुपुरा, जमालपुर, पुर, सिवाड़ा, मुंढाल, धनाना, चांग, तिगड़ाना, जताई, तालू, भिवानी क्षेत्र के प्रेमनगर, जाटूलुहारी, घुसकानी, मिताथल जलभराव से जूझ रहे हैं। यहां खेतों के अलावा आबादी क्षेत्र में भी जलभराव बना है। इन गांवों में बरसाती नाले टूट चुके हैं जबकि गांव की गलियां व नालियां भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इन गांवों में पिछले करीब एक माह से जलभराव के हालात बने हैं। पानी निकासी का काम लगातार चल रहा है। ड्रेन टूटने के बाद तो कोहराम मचा है। पानी आबादी क्षेत्रों में तेजी से घुसा है। घर चार फीट पानी में हैं जबकि गांवों के जलघर, धर्मशाला, सरकारी अस्पताल, स्कूल भवन के अलावा पशु अस्पताल तक डूबे हैं। संवाद
श्मशान घाटों में भरा पानी, और फिरनी के रास्ते बहे
गांवों की बदहाली यहीं कम नहीं हो रही है। कई गांवों में तो श्मशान घाट में पानी भरा है। फिरनी के रास्ते भी बह गए हैं। इनमें ग्राम पंचायतों की ओर से हाल ही में कराए गए मिट्टी भरत के काम भी शामिल हैं। ये रास्ते अब टूटकर बिखर चुके हैं। इन कामों पर फिर से लाखों का बजट खर्च करना पड़ेगा। गांव में किसी बुजुर्ग व अन्य की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए भी ग्रामीणों को दरिया को पार करना पड़ता है। सूखी लकड़ियों का भी संकट बना है।
विज्ञापन

प्रेमनगर में एक करोड़ के विकास कार्य पानी में बहे
गांव प्रेमनगर के सरपंच राजेश बूरा ने बताया कि जलभराव की वजह से करीब एक करोड़ के विकास काम चौपट हो चुके हैं। गांव के सभी रास्ते टूट गए हैं। पीडब्ल्यूडी की ओर से बनाए दोनों मुख्य रोड भी खस्ताहाल हो गए हैं। निर्माणाधील आंगनबाड़ी केंद्र का भवन खस्ताहाल हो गया। स्टेडियम, शमशान घाट, व्यायामशाला की चाहरदीवारी भी क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्राम पंचायत के पास इतना बजट भी नहीं है कि पानी निकासी के लिए इंजन में डीजल डलवा सके।
75 लाख से कराए थे विकास कार्य, सब चौपट
गांव बीरण के सरपंच प्रतिनिधि जोगेंद्र सिंह ने बताया कि करीब ढाई साल में 75 लाख के बजट से गलियां, नालियां, बरसाती नाले के अलावा फिरनी को पक्का कराने का काम कराया गया था। जलभराव से सब चौपट हो गया। गांव की फिरनी ढाणी बीरन से दिनोद रोड तक तैयार कराई थी। इसी पर पीएचसी, खेल ग्राउंड और स्कूल का रास्ता भी है। ग्राउंड में ओपन जिम और रेस ट्रैक बनवाया था। सब बारिश के पानी में बह गया। दूषित पानी की निकासी लिए बना नाला और स्कूल की पार्किंग भी क्षतिग्रस्त हो गई।
दांग खुर्द में मैरिज हॉल, जलघर, स्कूल और पशु अस्पताल डूबे
गांव दांग खुर्द के सरपंच राजेंद्र ने बताया कि गांव का मैरिज हॉल, जलघर, सरकारी स्कूल, पशु अस्पताल, मंदिर और अन्य सार्वजनिक स्थल डूब चुके हैं। खेल स्टेडियम भी तालाब बन गया है। गांव में एक माह से ढाई से तीन फीट बरसाती पानी भरा है। इससे लाखों की लागत से कराए गए विकास कार्य पानी में डूब गए। ग्राम पंचायत के पास खुद का बजट नहीं है। ग्रामीणों के सहयोग से ही पानी निकासी के प्रबंध जुटाए जा रहे हैं। दूषित पानी की निकासी के लिए बनाए नाले भी टूट चुके हैं। जलघर, सरकारी स्कूल सहित अन्य सार्वजनिक भवनों को काफी नुकसान हुआ है।
हर तरफ पानी ने मचाई तबाही, आधा गांव कर चुका पलायन
गांव सागवान के सरपंच प्रतिनिधि बलजीत ने बताया कि एक माह 10 दिन से आबादी क्षेत्र में जलभराव के हालात हैं। कहीं दस तो कहीं 12 फीट तक पानी में घर डूबे हैं। करीब दो हजार परिवार गांव छोड़ जा चुके हैं। गांव की फिरनी, ग्राम सचिवालय, दो सरकारी स्कूल भवन, पशु अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, वृद्धाश्रम, गोशाला, शहीद पार्क, चार चौपाल, राजीव भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, मंदिर, डॉ आंबेडकर भवन जलमग्न है। मकानों को भी भारी नुकसान हुआ। पानी निकासी में काफी वक्त लग जाएगा।

गांवों में कुछ विकास काम पूरे हो चुके हैं तो कुछ काम अब भी कराए जा रहे हैं। जलभराव की वजह से सरकारी भवनों के निर्माण, चाहरदीवारी काम भी प्रभावित हुए हैं। गांवों में शिवधाम भी बनाए गए थे, इनमें भी काफी नुकसान की आशंका है। हालात सामान्य होने पर ही स्थिति का सही आंकलन कर पाएंगे।
विज्ञापन


-संभव जैन, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज तकनीकी विंग भिवानी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें