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Bhiwani News: ढाणी बीरण में रात्रि ठहराव के दौरान लगा उपायुक्त का दरबार, घूंघट की कुप्रथा का गांव में अंत

Sat, 26 Apr 2025 10:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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गांव ढाणी बीरन में रात्रि ठहराव कार्यक्रम में मौजूद  डीसी महावीर कौशिक,  एसडीएम डॉ अशवीर सिंह न
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तोशाम। जिले के तोशाम उपमंडल के गांव ढाणी बीरन में शुक्रवार देर रात जिला प्रशासन द्वारा रात्रि ठहराव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ढाणी बीरन में पर्दा की कुप्रथा पर भी कड़ा प्रहार किया गया।
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उपायुक्त महावीर कौशिक ने रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत की ओर से रखी गई कई मांगों पर मुहर लगाई। इसमें मुख्य रूप से गांव ढाणी बीरन को ढाणी बजीना के नाम से करवाने, गांव के जोहड़ की रिटेनिंग वॉल बनवाने, गांव में युवाओं के लिए खेल का सामान उपलब्ध करवाने, गांव में सुबह-शाम रोडवेज की बस सेवा शुरू करवाने, ई लाइब्रेरी बनवाने शामिल है।
उपायुक्त ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि ग्रामीणों द्वारा रखी गई सभी मांगों को हर संभव पूरा करवाया जाएगा। वहीं डीसी के अनुरोध पर महिला सरपंच कविता ने घूंघट खोल दिया। वहीं गांव की महिलाओं को घूंघट नहीं करने का भी प्रण ग्रामीणों की मौजूदगी में लिया गया।
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बता दें कि गांव ढाणी बीरन में महिला सरपंच कविता देवी जेबीटी तक पढ़ी लिखी हैं। जबकि गांव में तीन महिला पंच भी हैं। इनमें अंजू, बबली और जगीता शामिल हैं, ये महिला पंच भी दसवीं तक पढ़ी हैं। आम तौर पर पंचायतों के कामकाज में सभी महिलाएं गांव के बढ़े लोगों के सामने घूंघट कर जाती थीं, लेकिन अब उपायुक्त महावीर कौशिक के प्रेरित करने पर ये महिलाएं बिना घूंघट के ही पंचायती कामकाज खुद निपटाएंगी। गांव ढाणी बीरन में 600 मतदाता हैं, इनमें करीब 300 महिला मतदाता भी शामिल हैं।
सरपंच प्रतिनिधि राजबीर ने बताया कि इससे पहले 2005 में उसका भतीजा कंवर सिंह सरपंच बना था, इसके बाद उसकी चाची कविता देवी सरपंच बनी हैं। जिन्हें 287 वोट मिले थे और प्रतिद्वंद्वी से मात्र 37 वोट से जीत हासिल की थी। राजबीर ने भी उपायुक्त के इस कदम का स्वागत किया है और आश्वासन दिया है कि कविता अब कभी पंचायती कामकाज में घूंघट नहीं करेंगी न ही महिला पंचों को घूंघट में रहने दिया जाएगा।
रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा से स्टॉल लगाकर सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इस मौके पर एसडीएम अश्वीर नैन, सीटीएम अनिल कुमार, सिविल सर्जन डॉ रघुवीर शांडिल्य, डीएसपी दलीप सिंह, नायब तहसीलदार संजय पाराशर, बीडीपीओ विनोद सांगवान, डीडीए डॉ विनोद फौगाट, डीएचओ डॉ देवीलाल, एईई नसीब धनखड़, एक्सईएन अजय राठी, एक्सईएन अमनदीप देशवाल, एक्सईएन नवीन देशवाल, डिप्टी डीईओ शिव कुमार तंवर, डीएमईओ श्यामसुंदर गुप्ता,विक्रम पूनिया मौजूद रहे।
डीसी ने किया शहीद रमेश कुमार की माता का शॉल ओढ़ाकर सम्मान



कार्यक्रम के दौरान गांव से देश के लिए शहीद हुए रमेश कुमार की मां चंपा देवी मौजूद थी। उपायुक्त ने चंपा देवी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया, वहीं उनके चरण लेकर कर आशीर्वाद लिया।
डीसी महावीर कौशिक ने सुनाई प्रेरक रागनी



कार्यक्रम के दौरान डीसी महावीर कौशिक ने प्रेरणादायी रागनी की प्रस्तुति दी। रागनी के माध्यम से उन्होंने बताया कि मनुष्य को अच्छे कर्म करते रहना चाहिए। अच्छे कर्म ही इंसान की पहचान होती है। इंसान जन्म से नहीं अपने कर्म से महान होता है। डीसी ने कलाकारों के बीच सधे हुए कलाकार की तरह करीब छह मिनट तक रागनी सुनाने के लिए माइक थामे रखा। इस दौरान ग्रामीण और अधिकारी भी उनकी तरफ टकटकी लगाए रागनी के मर्म को समझ खुद भावविभोर हो उठे।
डीसी और एसपी ने पौधरोपण कर दिया पर्यावरण बचाने का संदेश



रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान डीसी महावीर कौशिक और एसपी मनबीर सिंह ने पौधरोपण किया और ग्रामीणों से पर्यावरण संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से बचने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे और प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देना होगा। वहीं दूसरी ओर वॉलीबाल का मैच करवाया गया, जिसमें जिलाधिकारियों ने खिलाड़ियों से परिचय किया। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल की भावना से खेलने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग द्वारा ड्रोन का भी प्रदर्शन किया गया, जिससे नैनो यूरिया और कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव खेतों में आसानी से किया जाता है।
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