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Bhiwani News: शहर में प्रदर्शन कर भेजा मुख्यमंत्री को हड़ताल का नोटिस, 12 तक नोटिफिकेशन नहीं हुआ करेंगे तीन दिन हड़ताल

Tue, 11 Jul 2023 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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​भिवानी: अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन करते कर्मचारी संगठन के सदस्य। 
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भिवानी। सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारियों ने 12 जुलाई से तीन दिन की हड़ताल पर जाने का एलान किया है। संघ ने लिपिक संगठनों का 35400 मासिक वेतन के नोटिफिकेशन जारी करने की मांग को लेकर यह फैसला लिया है।
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हरियाणा मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के बैनर तले कर्मियों ने महम रोड स्थित बड़ चौक पर एकत्रित होकर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव के नाम उपायुक्त की मार्फत नोटिस भेजा। प्रदर्शन की अध्यक्षता पब्लिक हेल्थ क्लेरिकल एसोसिएशन के प्रांतीय प्रधान भरत सिंह खटाना ने की और संचालन सचिव सहदेव रंगा द्वारा किया।
उन्होंने कहा कि यदि नोटिफिकेशन जारी नहीं हुई तो हड़ताल को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। हेमसा के प्रांतीय प्रधान राजेश लांबा, राज्य सचिव सुमन देशवाल ने कहा कि लिपिक को सातवें वेतन आयोग में पे-मैट्रिक्स लेवल-6 में 35400 देने की मांग 2012 से चली हुई है। छठे वेतन आयोग में यह पंजाब के समान 3200 ग्रेड पे देने की थी। कुरुक्षेत्र में पूर्व वित्त मंत्री के निवास पर 477 दिनों तक धरना दिया था। आंदोलन के दबाव में ही 25 अगस्त 2014 को मंत्री मंडल ने फैसला लिया कि एक नवंबर 2014 से पंजाब के समान वेतन व भत्ते दिए जाएंगे। इस अवसर पर कृष्ण रूपाणा, नीरज, धर्मेंद्र सोनी, रणबीर सिंह, सुरेश कुमार, पूनम, सविता, प्रवेश, प्रदीप शर्मा, सुकेश कुमार, सुरेंद्र सिंह, नरेंद्र दिनोद, लोकेश, राजेश दुल्हेड़ी, मा. वजीर सिंह, रामफल देशवाल, बिमला घणघस, संतोष देशवाल, सुशील कुमार, सुरेश, सत्यनारायण, मनीष घणघस, सतबीर स्वामी, अनिल बागड़ी, प्रदीप कुमार, सतदेव, अनिल कुमार, भूपेंद्र, दीपचंद उपस्थित रहे।
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नगर परिषद उपाध्यक्ष सतेंद्र मोर ने दिया लिपिकों के धरने को समर्थन
नगर परिषद भिवानी के उपाध्यक्ष सतेंद्र मोर ने लघु सचिवालय के बाहर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने पर पहुंचकर लिपिकों की मांग का समर्थन दिया। सतेंद्र मोर ने कहा कि लिपिकों की मांग जायज है। उन्होंने कहा कि सरकार को लिपिकों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा में लिपिकों को बेहद कम वेतन मिल रहा है, जबकि पड़ोसी प्रांतों में लिपिकों का मानदेय ज्यादा है। वहीं उन्होंने धरने पर बैठे लिपिकों को संबोधित करते हुए हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया।
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