कांग्रेस की महिला नेता किरण चौधरी ने सांसदों को निलंबित करने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। किरण चौधरी ने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र खत्म हो चुका है। वहीं, उन्होंने उपराष्ट्रपति की मिमिक्री के मुद्दों को रोजगार व रोजी रोटी के मुद्दे से ध्यान भटकाने वाला मुद्दा बताया।
किरण चौधरी बुधवार को विजय नगर स्थित अपने आवास पर लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर भिवानी, दादरी व महेंद्रगढ़ जिलों के सक्रिय कार्यकर्ताओं की बैठक ले रही थीं। पूर्व मंत्री किरण अपनी बेटी श्रुति चौधरी को लोकसभा पहुंचाने की तैयारी में जुटी हैं। इसको लेकर उन्होंने अपने आवास पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की बैठक लेते हुए उन्हें तैयार रहने का आह्वान किया। वहीं, मीडिया से बातचीत में किरण चौधरी ने सांसदों के निलंबन पर कहा कि हर आदमी को आवाज उठाने का हक होना चाहिए, लेकिन हकों का ऐसा हनन पहली बार हो रहा है। उन्होंने बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब जुमले, झूठ व आपस में बांटने वाली राजनीति से छुटकारा पाने का समय है। वरना जनता की आवाज उठाने वाला कोई नहीं मिलेगा।
वहीं, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मिमिक्री को लेकर छिड़े विवाद को किरण चौधरी ने ध्यान भटकाने वाला मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि आज मुद्दा मिमिक्री नहीं रोजगार व रोटी है। उन्होंने कुछ युवाओं के संसद में हंगामे का उदाहरण देते हुए कहा कि नौकरी न होने से रोजी रोटी के लाले पड़े। ऐसे में बहुत हताश होकर इस हद तक जाना पड़ा। वहीं, हरियाणा में बीजेपी द्वारा लोकसभा की सभी 10 सीटों पर जीत के दावे पर किरण चौधरी ने कहा कि जनता सर्वोपरि है। वहीं तख्त बनाती है और वहीं तख्त उखाड़ते देर नहीं करती।