जिला न्यायालय परिसर का मुख्य गेट।
भिवानी। जिला न्यायालय परिसर में प्रैक्टिस करने वाले 2850 अधिवक्ताओं की जीवन बीमा पॉलिसी के लिए भी मांग काफी अर्से से मुखर होती आ रही है। इस मांग पर बार एसोसिएशन की तरफ से भी प्रस्ताव तत्कालीन मुख्यमंत्री को सौंपा जा चुका है।
भिवानी बार एसोसिएशन दिल्ली की तर्ज पर अधिवक्ताओं का 50 लाख का बीमा पॉलिसी सरकार की तरफ से कराए जाने की मांग उठा रही है। वहीं बार में पिछले पांच साल से प्रैक्टिस करने वाले नए अधिवक्ताओं को भी हर माह दस हजार रुपये प्रोत्साहन राशि सरकार की तरफ से दिए जाने की पैरवी कर रहा है।
वहीं अधिवक्ताओं के लिए टोल फ्री किए जाने का भी प्रस्ताव सरकार को बार की तरफ से भेजा जा चुका है। दरअसल, भिवानी बार में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं का सरकार की तरफ से कोई जीवन बीमा पॉलिसी नहीं दी जा रही है। किसी अधिवक्ता की मृत्यु या फिर गंभीर बीमारी से ग्रस्त होने पर बार की तरफ से ही अधिवक्ताओं से सहयोग एकत्रित कर मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए जा रहे हैं।
वहीं भिवानी जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट सत्यजीत पिलानिया भी इस मामले को लेकर काफी गंभीरता दिखा रहे हैं। बार की तरफ से भी तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल को प्रस्ताव पास कर यह मांगे सौंपी जा चुकी हैं। इस पर सरकार ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। हालांकि बार में कई ऐसे नए अधिवक्ता भी हैं जिनकी प्रैक्टिस अभी ठीक नहीं चल रही है। उन्हें सरकार की तरफ से ऐसे प्रोत्साहन की सख्त जरूरत है।
जिला बार एसोसिएशन सभी अधिवक्ताओं के लिए दिल्ली की तर्ज पर 50 लाख का बीमा पॉलिसी हरियाणा सरकार की तरफ से दिए जाने की पैरवी कर रहा है। इसी तरह पांच साल तक प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को दस हजार रुपये हर माह प्रोत्साहन राशि सरकार से दिए जाने और सभी अधिवक्ताओं का टोल फ्री किए जाने की सुविधा की मांग का प्रस्ताव सरकार के समक्ष भेजा जा चुका है। कर्मचारियों की तर्ज पर कैशलेस हेल्थ सुविधा भी अधिवक्ताओं को मिले इसके भी प्रयास कर रहे हैं।
-एडवोकेट सत्यजीत पिलानिया, अध्यक्ष, जिला बार एसोसिएशन भिवानी।