बवानीखेड़ा। शिक्षा विभाग की ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में शिक्षकों ने सरप्लस शिक्षकों की सूची जारी करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि बिना सरप्लस सूची जारी किए ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू करना विभागीय नीतियों के खिलाफ है। शिक्षकों के अनुसार विभाग द्वारा बनाई गई ट्रांसफर पॉलिसी उनकी समझ से परे है।
शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालयों में सैंटा टेस्ट पास कर शिक्षक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विभाग ने मॉडल संस्कृति और पीएमश्री विद्यालयों में स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू की, जिसके तहत 15 से 18 मार्च तक ‘हां’ और ‘ना’ के विकल्प मांगे गए जो स्वैच्छिक भागीदारी थी। इससे पहले विभाग ने वेकेंसी डिटेल्स साझा की थी जिसमें कुछ पदों को सरप्लस बताया गया था और यह भी उल्लेख किया गया था कि अंतिम वेकेंसी ‘यस’ और ‘नो’ कंप्लीशन के बाद निर्धारित की जाएगी।
शिक्षक सुनील कुमार, राजेंद्र गौरी और मोहित ने बताया कि जब से ऑनलाइन ट्रांसफर प्रणाली लागू हुई है तब से विभाग हमेशा ट्रांसफर ऑप्शन ड्राइव खोलने से पहले सरप्लस शिक्षकों की नाम सहित सूची जारी करता रहा है। लेकिन पहली बार बिना सूची जारी किए ही ट्रांसफर ऑप्शन खोल दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों ने सरप्लस सूची जारी न होने के कारण ‘यस’ विकल्प नहीं चुना, उनके एमआईएस पर अब स्कूल विकल्प नहीं खुल रहे हैं, जो कि विभागीय नीतियों के विपरीत है। शिक्षकों ने मांग की है कि विभाग अपनी मॉडल स्कूल ट्रांसफर पॉलिसी का पालन करते हुए सरप्लस शिक्षकों की सूची जारी करे और संबंधित शिक्षकों के ट्रांसफर विकल्प खोले जाएं।