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Bhiwani News: सीबीएलयू में नौकरी और आरक्षण की मांग, प्रेमनगर के ग्रामीणों ने जताया रोष

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गांव प्रेमनगर सीबीएलयू के बाहर धरना पर बैठ नारेबाजी करते ग्रामीण।
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भिवानी। सीबीएलयू में हटाए गए कर्मचारियों की दोबारा नियुक्ति और प्रेमनगर के युवाओं को 10 फीसदी आरक्षण देने की मांग को लेकर गांव प्रेमनगर के ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रदेश सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई का एलान कर रोष जताया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव ने चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 131 एकड़ पंचायती भूमि निशुल्क दी थी लेकिन बदले में किए गए वादे आज तक पूरे नहीं हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने तक विश्वविद्यालय के प्रत्येक कार्यक्रम का विरोध किया जाएगा।
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गांव प्रेमनगर के सरपंच राजेश कुमार और धरना समिति के प्रधान कैप्टन कमल सिंह ने बताया कि वर्ष 2015 में गांव की 131 एकड़ पंचायती भूमि चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) के निर्माण के लिए सरकार को दी गई थी। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के लिए भी जमीन दी गई थी हालांकि उसकी चहारदीवारी बनने के बाद मेडिकल कॉलेज को भिवानी में स्थापित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय गांव में बनने के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रेमनगर में करोड़ों रुपये के विकास कार्य कराने और गांव के युवाओं को चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में पांच फीसदी आरक्षण देने का वादा किया था। इन मांगों को लागू कराने के लिए ग्रामीण कई वर्षों तक धरने पर भी बैठे रहे।
उन्होंने कहा कि अब विश्वविद्यालय से गांव के कई कर्मचारियों को हटाए जाने से ग्रामीणों में फिर रोष है। ग्रामीण हटाए गए कर्मचारियों की दोबारा नियुक्ति और गांव के युवाओं को विश्वविद्यालय में 10 फीसदी आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं। धरना समिति के प्रधान कैप्टन कमल सिंह ने धरने की अध्यक्षता करते हुए कहा कि चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए गांव ने भूमि निशुल्क दी थी लेकिन इसके बदले ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिला। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर वर्ष 2021 से ग्रामीण लगातार धरने पर बैठे हैं।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार उनकी मांगों के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए है। इसलिए सभी ग्रामीण पूरी एकजुटता के साथ आंदोलन जारी रखेंगे और रोष स्वरूप विश्वविद्यालय के प्रत्येक कार्यक्रम का विरोध करेंगे। इस अवसर पर सरपंच राजेश कुमार, सीआईडी से सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर आजाद सिंह ढांडा, योगेंद्र ढांडा, सोमबीर बूरा, नरेंद्र ठेकेदार, दलबीर सिंह और जयबीर सिंह मौजूद रहे।
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