भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण में मनीषा की श्रद्धांजलि सभा में मौजूद वैरागी समाज के अनेक प्रबुद्ध
भिवानी। गांव ढाणी लक्ष्मण में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वैरागी समाज के प्रबुद्धजनों ने शिक्षिका मनीषा की आत्मिक शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। परिवार के सदस्यों को लोगों ने ढांढस बंधाया। वैरागी समाज के लोगों ने दिवंगत मनीषा के परिवार के लिए हरियाणा सरकार से आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी देने की भी मांग की। वहीं, पिता संजय ने कहा कि उन्हें सीबीआई से उम्मीद है कि जल्द ही उनकी बेटी के हत्यारों को गिरफ्तार किया जाएगा और मौत की सच्चाई सबके सामने आएगी।
गांव ढाणी लक्ष्मण में दोपहर करीब 12 बजे मनीषा के अंतिम संस्कार के सात दिन बाद आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बिटिया को लोगों ने नम आंखों से याद किया। इस दुख की घड़ी में परिवार के सदस्यों के साथ होने का भरोसा दिलाया। इस दौरान हरियाणा वैरागी सभा के प्रधान शिवकुमार पंवार ने कहा कि सीबीआई सर्वोच्च जांच एजेंसी है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि मनीषा की मौत के मामले में सभी तथ्यों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाएगी।
उन्होंने कहा कि अब तक पुलिस की चूक को सीबीआई खंगालेगी और मामले की सच्चाई सार्वजनिक होगी। शिवकुमार पंवार ने हरियाणा सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने और यदि संभव हो तो किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार के सहयोग से परिवार को आर्थिक और मानसिक मजबूती मिले वहीं वैरागी समाज और 36 बिरादरी भी उनके साथ खड़ी हैं। श्रद्धांजलि सभा में भिवानी वैरागी सभा से कृष्ण, दादरी से सूबे सिंह फौजी, वरिष्ठ उप प्रधान डॉ. दीपक वैरागी, विरेन्द्र आर्य बाढड़ा, चरखी दादरी नगर परिषद के चेयरमैन बक्सीराम और वरिष्ठ उप प्रधान मुकेश खटकड़ आदि मौजूद रहे।
11 अगस्त को मनीषा हो गई थी लापता
भिवानी। ढाणी लक्ष्मण निवासी 19 वर्षीय मनीषा 11 अगस्त की सुबह प्ले स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, शाम तक वह घर नहीं लौटी। मनीषा ने बस चालक को बताया था कि वह दाखिला के लिए नर्सिंग कॉलेज जा रही है। परिजनों ने नर्सिंग कॉलेज में पूछताछ की, लेकिन वहां कोई जानकारी नहीं मिली। 12 अगस्त की शाम मनीषा के लापता होने पर लोहारू थाने में एफआईआर दर्ज हुई। 13 अगस्त की सुबह सिंघानी नहर के पास उसकी लाश मिली थी। शुरुआती रिपोर्ट में हत्या के बजाय आत्महत्या की थ्योरी बताई गई, जिसके बाद जनांदोलन और विरोध शुरू हुआ। 20 अगस्त को दिल्ली एम्स में तीसरी बार पोस्टमार्टम कराया गया। इस मामले में 10 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। एसपी का तबादला और कर्मियों का निलंबन शामिल है। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। 21 अगस्त को मनीषा का अंतिम संस्कार किया गया।