तोशाम (भिवानी)। ग्राम स्वराज किसान मोर्चा व भूतपूर्व सैनिक सेवा समिति की संयुक्त बैठक रविवार को तिकोना पार्क, तोशाम में आयोजित की गई। बैठक में दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग उठाई।
प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालू ने कहा कि यह मामला पूरे प्रदेश की न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि जांच में किसी भी प्रकार का राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव नहीं होना चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों को बचाने या मामले को दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। प्रदेश महासचिव मा. रघुबीर भेरा ने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष नहीं हुई तो समाज का प्रशासन पर विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को बचाने के लिए रोहतक के पुलिस अधीक्षक या किसी अन्य अधिकारी को ढाल नहीं बनाया जाना चाहिए। जो भी अधिकारी या व्यक्ति दोषी पाया जाए उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। भेरा ने कहा कि एडीजीपी जैसी वरिष्ठ पदस्थ अधिकारी की आत्महत्या कोई सामान्य घटना नहीं है बल्कि यह तंत्र में मौजूद दबाव, भेदभाव और अन्याय की गंभीर निशानी है।
सभी पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की कि इस मामले की जांच उच्च न्यायिक आयोग या किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और दोषियों को उचित सजा दी जा सके। इस अवसर पर महेंद्र सिंह गोदारा, राजपाल चाहर, राज सिंह, धनाना, युद्धवीर सिंह खरेटा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।