जिला न्यायालय परिसर का मुख्य गेट।
भिवानी। जिला बार में 2850 अधिवक्ताओं की सेहत के लिए डिस्पेंसरी यानी प्राथमिक उपचार कक्ष खोले जाने की मांग उठ रही है। इस दिशा में सेशन जज की तरफ से सिविल सर्जन को भी पत्र भेजा जा चुका है। इसके बाद अधिवक्ताओं के लिए बार परिसर में डिस्पेंसरी खुलने की उम्मीद जगी है।
बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट सत्यजीत पिलानिया का कहना है कि कुछ अर्से पहले ही एडवोकेट बलबीर महता की बार सभागार में कुर्सी पर बैठे-बैठे ही मौत हो गई थी। उन्हें अस्पताल तक ले जाया गया तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। ऐसे मामलों में अगर यहां डिस्पेंसरी खुलती है तो इस स्थिति में किसी भी अधिवक्ता की जान बचाई जा सकती है।
भिवानी जिला बार में इस समय 2850 अधिवक्ता प्रैक्टिस कर रहे हैं। इनके लिए डिस्पेंसरी खोले जाने की मांग की जा रही है। बार एसोसिएशन के चुनावी एजेंडे में भी इस मांग को प्रमुखता से शामिल किया गया था। लगातार चार बार से बार एसोसिएशन के प्रधान बनते आ रहे एडवोकेट सत्यजीत पिलानिया ने कहा कि वे खुद इस मामले को गंभीरता से लेकर काम कर रहे हैं। इस संबंध में सेशन जज की तरफ से भी सिविल सर्जन को पत्र लिखा जा चुका है। डिस्पेंसरी की यहां बेहद जरूरत है।
भिवानी बार में 2850 अधिवक्ताओं के अलावा सात सौ से आठ सौ मुंशी भी काम कर रहे हैं। डिस्पेंसरी खुलने से अधिवक्ता अपना प्राथमिक चेकअप करा सकते हैं। अगर उन्हें कोई गंभीर बीमारी है तो उसका भी वे नियमित उपचार ले सकते हैं। हालांकि बार समय-समय पर अधिवक्ताओं की सेहत जांच के लिए मेडिकल चेकअप कैंप लगवाता आ रहा है। इसके जरिये भी अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य लाभ देने का प्रयास हो रहा है।
मेरा पूरा प्रयास है कि जिला बार परिसर में अधिवक्ताओं के लिए डिस्पेंसरी खुले। इसके लिए जगह भी चिह्नित हो चुकी है। डिस्पेंसरी में एक चिकित्सक और स्टाफ की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कराई जानी है। डिस्पेंसरी में उपचार के लिए जरूरी दवाओं का प्रबंध भी स्वास्थ्य विभाग ही करेगा। अधिवक्ताओं की तरफ से ये मुख्य मांग रही है। इसे पूरा किया जाना बेहद जरूरी है।
- एडवोकेट सत्यजीत पिलानिया, अध्यक्ष, जिला बार एसोसिएशन भिवानी।