बहल में तहसीलदार को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देते किसान
बहल। अखिल भारतीय किसान सभा की बैठक में बारिश की कमी से खराब हुई खरीफ फसलों की स्पेशल गिरदावरी कराकर किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग उठाई गई। किसानों ने कई महीनों से सूखी पड़ी नहरों की सफाई करवाकर अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की मांग की।
सोमवार को बहल खंड के किसानों ने तहसीलदार को मांगों का ज्ञापन सौंपा। किसान सभा के उपप्रधान रामस्वरूप पातवान के नेतृत्व में अनेक किसान तहसील कार्यालय पहुंचे। जिला सचिव मास्टर जगरोशन ने कहा कि कम बारिश के कारण भिवानी जिले में खरीफ फसलें खराब हो चुकी हैं। उन्होंने सरकार से विशेष गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग की।
उन्होंने बताया कि इलाके की नहरों में कई महीनों से पानी नहीं पहुंच रहा है। गांवों में पेयजल की भी भारी किल्लत है और लोगों को महंगे दाम पर पानी खरीदना पड़ रहा है। नहरों की सफाई कर टेल तक पानी पहुंचाने की मांग की गई।
किसान नेताओं ने बहल तहसील में कृषि विकास अधिकारियों के पांचों रिक्त पद तुरंत भरने की मांग की। मंदरुप यादव नूनसर ने बताया कि किसानों ने कपास बीमा क्लेम-2023 के भुगतान के लिए लोहारू में 324 दिन संघर्ष किया और जीत हासिल की। अब सरकार से क्षेमा कंपनी पर दबाव बनाकर किसानों को बीमा क्लेम दिलाने की मांग की गई।
किसानों ने बताया कि 47 हरियाणा ग्रामीण बैंकों और कुछ राष्ट्रीय बैंकों ने किसानों की पॉलिसियां नहीं बनाईं और बीमा प्रीमियम वापस कर दिया। इस मामले में कार्रवाई कर पॉलिसियां बनवाने की मांग की गई। विनोद जांगड़ा हरियावास ने रबी फसलों की बिजाई को देखते हुए डीएपी खाद और बीज समय पर उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करने की मांग की।