18 फोटो एंबुलेंस में बच्चे को जन्म देने के बाद उसे संभालता ईएमटी।
- फोटो : Bhiwani
नौ घंटे के दौरान दो महिलाओं ने चलती एंबुलेंस में बच्चों को जन्म दिया। चलती एंबुलेंस में गर्भवती महिलाओं की तबीयत बिगड़ी तो एंबुलेंस के ईएमटी ने संभाला और डिलिवरी करवाई। दोनों केसों में जच्चा-बच्चा ठीक है। इस कार्य के लिए सभी ईएमटी की सराहना कर रहे हैं।
देर रात करीब तीन बजे धारेडू-मानहेरू के बीच धारेडू वासी गंगादीन की पत्नी किरण ने चलती एंबुलेंस में बच्चे को जन्म दिया। धारेडू से महिला को रात को मानहेरू ले जाया जा रहा था। रास्ते में ज्यादा समस्या होने पर इमरजेंसी मेडिसन टेक्निशियन (ईएमटी) प्रमोद ने महिला की डिलिवरी करवाई। गंगादीन परिवार सहित धारेडू गांव के ईंट-भट्ठे पर कार्य करता है।
इसी तरह सोमवार देर शाम भी एक महिला की एंबुलेंस में डिलीवरी हुई। खरक कलां गांव वासी दीपक की पत्नी अनीता को सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया। देर शाम अचानक उसकी तबीयत खराब हुई। जिसके बाद भिवानी से पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। जब एंबुलेंस कलानौर के पास पहुंची तो महिला की तबीयत ज्यादा खराब हो गई और एंबुलेंस में ही ईएमटी हेमंत ने महिला की डिलिवरी करवाई।
ऐसे ही एक मामला 29 नवंबर को भी सामने आया था, जब ढाणी कतवार से गर्भवती महिला को तोशाम सीएचसी ले जाया जा रहा था। वहां रास्ते में ही एंबुलेंस में डिलिवरी हुई। यहां भी ईएमटी ने ही डिलिवरी करवाई।
डिलीवरी कब हो जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता। ईएमटी ने व्यवस्था बनाते हुए डिलिवरी करवाई। यह अच्छी बात है और इसलिए ईएमटी को रखा गया। भिवानी से रोहतक रेफर की गई गर्भवती महिला के मामले की जांच करवाई जाएगी। आखिर क्यों रेफर किया गया।
- डॉ. कृष्ण कुमार, कार्यकारी सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग