भिवानी। असुविधाओं के मकड़जाल से घिरा बवानीखेड़ा सामान्य अस्पताल चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी से भी जूझ रहा है।
अस्पताल में सीनियर मेडिकल ऑफिसर सहित कई महत्वपूर्ण विशेषज्ञों के पद खाली पड़े हैं। स्टाफ के स्वीकृत 56 में से 12 पद रिक्त हैं तो विशेषज्ञों के स्वीकृत सभी 7 पद रिक्त हैं।
तीस हजार की आबादी वाले कस्बे के सामान्य अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण मरीज इलाज के लिए दूसरे शहरों में जाने को विवश हैं। बुधवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम को लोगों ने बताया कि अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। नॉर्मल डिलीवरी तो नर्सिंग स्टाफ व एमओ चिकित्सक के सहारे करवा देते हैं। लेकिन सिजेरियन डिलीवरी के लिए भिवानी रेफर कर दिया जाता है। इतना ही नहीं यहां बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, सर्जन सहित एनेस्थीसिया चिकित्सक की सुविधा भी नहीं है।
सीनियर मेडिकल ऑफिसर के दो पद स्वीकृत हैं। इसमें से एक ही पद भरा है लेकिन इस पद पर नियुक्त एसएमओ को दो से तीन जगह का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। इस वजह से सप्ताह में एक बार शुक्रवार को ही उनका कमरा खुलता है। इस तरह कमरा नंबर एक की कुर्सी सप्ताह में छह दिन खाली रहती है। वहीं, कमरा नंबर दो में तीन चिकित्सकों के लिए कुर्सियां लगाई गई हैं। चिकित्सकों ने बताया कि रोस्टर के हिसाब से प्रतिदिन दो चिकित्सक ओपीडी में सेवा देते हैं। वहीं एक चिकित्सक आपात विभाग में सेवा देता है। कमरा नंबर पांच में दवा वितरण केंद्र है। लेकिन यहां फार्मासिस्ट के तीन में से एक पद ही भरा है। इस कारण नर्सिंग स्टाफ सहित इंटर्न विद्यार्थी ही मरीजों को दवा देते मिले।
विशेषज्ञ नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को होती है परेशानी
कस्बे के सामान्य अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्भवती महिलाएं जांच और सिजेरियन डिलीवरी के लिए निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भर हैं। कस्बे के सामान्य अस्पताल में महीने में औसतन 30 नॉर्मल डिलीवरी होती हैं। लेकिन ये सभी डिलीवरी नर्सिंग स्टाफ व एमओ के सहारे होती हैं। चिकित्सकों के अनुसार अल्ट्रासाउंड की सुविधा कस्बे के सामान्य अस्पताल पर नहीं होती लेकिन सरकार की योजना के तहत मरीजों की जांच निजी अस्पताल में करवाई जाती है। बवानीखेड़ा में अल्ट्रासाउंड के लिए निजी केंद्र भी नहीं है इसलिए भिवानी ही जाना पड़ता है।
अस्पताल स्टाफ के खाली पदों का विवरण
पद स्वीकृत पद पदस्थ रिक्त पद
सीनियर मेडिकल ऑफिसर 02 01 01
पीएचएन 01 00 01
फार्मासिस्ट 03 01 02 लेब तकनीशियन 04 03 01
डेंटल असिस्टेंट 01 00 01
डेंटल हाइजीनिस्ट 01 00 01
रेडियोग्राफर 02 01 01
ईसीजी तकनीशियन 01 00 01
ओटीए 02 00 02
ड्राइवर 01 00 01
मेडिकल ऑफिसर 11 11 00
डेंटल सर्जन 01 01 00
स्टाफ नर्स 17 17 00
नर्सिंग सिस्टर 02 02 00 ओपथालमिक असिस्टेंट 01 01 00
अकाउंटेंट 02 02 00
कलर्क, स्टोर कीपर, स्वीपर 03 03 00 स्टैनो टाइपिस्ट 01 01 00
वार्ड सर्वेंट 00 03 00
स्वीपर 00 01 00
कुल 56 48 12
चिकित्सा विशेषज्ञों के पदों का विवरण
पद स्वीकृत पद पदस्थ
मेडिसिन 01 00
बाल रोग विशेषज्ञ 01 00
स्त्री रोग विशेषज्ञ 01 00
जनरल सर्जरी 01 00
ऑर्थोपेडिक 01 00
एनेस्थीसिया 01 00
त्वचा रोग विशेषज्ञ 01 00
कुल 07 00
मेरे पैर में दर्द होने के कारण हड्डी रोग विशेषज्ञ को चेक करवाने के लिए मैं सामान्य अस्पताल आया। लेकिन यहां आ कर पता चला कि हड्डी रोग विशेषज्ञ ही नहीं है। अस्पताल स्टाफ ने बताया कि सभी मरीजों को एक ही चिकित्सक कमरा नंबर दो में चेक कर रहा है। वहां चले जाइए। वहां पर्ची लेकर मैं गया तो उन्होंने पर्ची देखकर बोला कि एक्स-रे रिपोर्ट के बाद ही दवा दे सकेंगे। मुझे पुख्ता उपचार नहीं मिल पाया। इसलिए प्रशासन से मांग करते हैं कि हड्डी रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की जाए।
- देवराज, नागरिक बवानीखेड़ा।
सामान्य अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। इसके अलावा कस्बे में भी कोई निजी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। बच्चों को बीमार होने पर भिवानी के निजी अस्पतालों में चेक करवाना पड़ रहा है। इस कारण जेब पर भी अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। अगर कस्बे में ही बाल रोग विशेषज्ञ की सुविधा होती है तो समय व धन की बचत दोनों होगी।
- विवेक कुमार, नागरिक बवानीखेड़ा।
फोटो : 04
कस्बे के सामान्य अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है। इसके अलावा महिला व पुरुष चिकित्सक एक ही कमरे में मरीजों की जांच करते हैं। इस कारण बेहतर उपचार नहीं मिल पाता। मजबूरीवश निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसलिए महिला मरीजों के लिए अलग से ओपीडी कक्ष की व्यवस्था करनी चाहिए।
- प्रीति, नागरिक बवानीखेड़ा।
कस्बे का सामान्य अस्पताल भवन खस्ताहाल है। नया भवन बनाने की जरूरत है। इसके अलावा अस्पताल में चिकित्सा विशेषज्ञों की कमी है। इस बारे में सिविल सर्जन से मिल कर मांग रखेंगे, ताकि कस्बे के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकें।
- सुंदर अत्री, चेयरमैन नगर पालिका बवानीखेड़ा।
जिले में रिक्त पड़े चिकित्सा विशेषज्ञों के पदों के लिए निदेशालय को मांग पत्र भेज रखा है। वहीं बवानीखेड़ा अस्पताल भवन को 100 बेड का करने का प्रस्ताव भेजा गया है। जल्दी ही जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसी के साथ बवानीखेड़ा अस्पताल परिसर में ही खाली पड़े मैदान में सुविधाओं युक्त नया अस्पताल बनाया जा सके इसके लिए प्रयास जारी हैं।
- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन भिवानी।