भिवानी। कंपनियों में नौकरी दिलाने वाले एक व्यक्ति का शव उसी के कार्यालय में संदिग्ध हालत में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला नागरिक अस्पताल में बुधवार दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस को मृतक के पास से दो पेज का सुसाइड नोट भी मिला है। मृतक के पिता की शिकायत पर सात नामजद के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया गया है।
शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में सेशन कॉलोनी सेक्टर 23 निवासी सुभाष ने बताया कि उनकी तीन संतान थी। इनमें दो लड़के और एक लड़की शामिल हैं। सबसे बड़ी लड़की कोमल है। उसके बाद सावन और सबसे छोटा बेटा साहिल 22 साल का था। साहिल कंपनियों में नौकरी दिलाने का काम करता था। उसका कार्यालय बावड़ीगेट स्थित चंद्रगिरि स्कूल के पास है।
सुभाष ने आरोप लगाया कि उनके बेटे साहिल का प्रदीप, खुशीराम, मंदीप, संदीप चौहान, बलजीत बड़ेसरा, विवेक उर्फ कोल्टी और धर्मेंद्र के साथ रुपयों का लेन-देन था। उसने कहा कि सभी आरोपी उसके बेटे साहिल पर रुपये देने के लिए दबाव बना रहे थे और रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इसी दबाव और आरोपियों के भय से परेशान होकर साहिल ने अपने कार्यालय में ही मंगलवार रात फांसी लगाकर खुदकुशी का ली।
परिजनों को बुधवार सुबह घटना का पता लगा। पुलिस ने शव को फंदे से उतारा। क्राइम आफ सीन की टीम भी मौके पर बुलाई गई। पुलिस को मृतक के पास से दो पेज का सुसाइड नोट भी मिला है। इसे पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया। जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मृतक के पिता सुभाष की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी प्रदीप, खुशीराम, मंदीप, संदीप चौहान, बलजीत बड़ेसरा, विवेक उर्फ कोल्टी और धर्मेंद्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है। मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। फिलहाल पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।
-पवन कुमार, जांच अधिकारी, शहर थाना पुलिस, भिवानी।