अधिकारियों को निर्देश देते उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य। संवाद
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भिवानी। हरियाणा डेवलपमेंट एंड अर्बन एरियाज एक्ट 1975 के तहत शहर के नोटिफाइड एरिया के भीतर अवैध कॉलानियों में प्लॉट के खरीद पर पूरी तरह से पाबंदी है। यदि कोई खरीदार, प्रॉपर्टी डीलर इस क्षेत्र के अंदर जमीन की खरीद करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने कैंप कार्यालय में डीटीपी विभाग के अधिकारियों की बैठक में ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोई भी नागरिक, खरीददार, क्रेता, विक्रेता, प्रॉपर्टी डीलर अवैध कॉलोनियों में न तो कोई प्रॉपर्टी खरीदे और न ही बेचे, अन्यथा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
उपायुक्त ने बताया कि भिवानी में तीन अप्रैल 2017 से 01 अक्तूूबर 2020 तक 614 सेल डीड में हरियाणा डेवलपमेंट एंड अर्बन एरियाज एक्ट 1975 की धारा 7-ए की उल्लंघन पाया गया था। जिसमें आठ सब रजिस्ट्रार/ज्वाइंट सब रजिस्टार के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्यालय को भेज दी गई थी। इसी प्रकार 15 फरवरी 2021 से सात अप्रैल 2021 तक 33 सेल डीड में 7-ए की पूर्ण/आंशिक रूप से उल्लंघन पाया गया, इसके लिए एसडीएम भिवानी की अध्यक्षता में डीआरओ, सीटीएम व एटीपी की एक कमेटी गठित की गई थी। अब इस मामले की जांच अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि एसडीएम भिवानी द्वारा जांच में पाया गया कि शहरी क्षेत्र की कुछ अवैध कॉलोनियों में प्रॉपर्टी आईडी जारी की गई है। जांच की रिपोर्ट उनके पास प्रस्तुत की गई है। यदि किसी अधिकारी ने नियमों के खिलाफ जाकर प्रॉपर्टी आईडी जारी की है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला नगर योजनाकार मंदीप सिंह सिहाग ने बताया कि नोटिफाइड एरिया में एक एकड़ या इससे कम क्षेत्र के प्लॉट की खरीद बिक्री के लिए डीटीपी कार्यालय से एनओसी की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि बापोड़ा भिवानी जोन पाल, कोंट, भिवानी लोहड़, देवसर, पालवास, तिगड़ाना, हालुवास, गुजरानी, नाथुवास व राजपुरा खरकड़ी में कई अनाधिकृत क्षेत्र हैं जहां पर प्रॉपर्टी आईडी नहीं बनाई जा सकती है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय यादव ने बताया कि नगर परिषद द्वारा रेगुलराइज क्षेत्र में ही प्रॉपर्टी आईडी बनाई जाती है। अवैध क्षेत्र में परिषद द्वारा कोई आईडी जारी नहीं की जाती है और अधिकृत एरिया में लगातार प्रॉपर्टी आईडी बन रही है।