भिवानी। यदि किसी निजी अस्पताल में कोविड मरीजों के इलाज के लिए उनसे सरकार द्वारा निर्धारित रेट से अधिक बिल वसूला है तो कोई भी व्यक्ति इसकी शिकायत सीधे उपायुक्त से कर सकता है। यह बात मंगलवार को उपायुक्त ने कही। वे जिला ग्रामीण विकास अभिकरण सभागार में निजी अस्पताल संचालकों की बैठक ले रहे थे।
उन्होंने कहा प्रशासन को लगातार निजी अस्पतालों द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक बिल वसूलने की शिकायतें मिल रही हैं, जिस पर संज्ञान लेकर प्रशासन ने कई बिलों को ठीक कराया है। इस तरह की शिकायतों के निदान के लिए प्रशासन द्वारा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी सुरेश रवेश की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। कमेटी सदस्यों में एसएमओ डॉ. रघुबीर शांडिल्य, ड्रग कंट्रोलर डॉ हेमंत ग्रोवर, आईएमए सचिव डॉ. ईश्वर गुप्ता, एकाउंट ऑफिसर अशोक कुमार शामिल हैं। उन्होंने सभी संचालकों को अब तक उनके अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों के इलाज के बिलों की प्रति तुरंत प्रभाव से प्रशासन को जमा कराने के निर्देश दिए ताकि इनका ऑडिट किया जा सके। निजी अस्पताल संचालकों का एक अप्रैल से 31 मई तक अस्पतालों में आने वाले सभी कोविड मरीजों की सूची का पूरा विवरण और मरीजों को दी गई सुविधाओं की रिपोर्ट शीघ्र जमा करानी होगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निजी अस्पतालों द्वारा किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता में संलिप्त पाए जाने पर संबंधित अस्पताल संचालक के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने प्रत्येक अस्पताल संचालक से कितने कोविड के मरीज आए, कितने दाखिल हुए, कितने डिस्चार्ज हुए और कितने रोगियों की मृत्यु हुई, इसके संदर्भ में पूरी जानकारी प्राप्त की।